अक्तूबर के आखिरी सप्ताह में सर्दी ने गुल खिलाने शुरू कर दिए हैं। बुधवार को बूंदाबांदी होने के बाद बृहस्पतिवार को दोपहर में कुछ देर के लिए बूंदाबांदी हुई। इसके साथ बादल छाने और सर्द हवाएं चलने से मौसम काफी ठंडा हो गया। इससे लोगों ने दिन में भी पंखे और कूलर नहीं चलाए।
बृहस्पतिवार को सुबह से बादल और सूरज के बीच लुकाछुपी का खेल शुरू हो गया। करीब 11 बजे बादल छाने के साथ ही सर्द हवा चलना शुरू हो गईं तो लोगों को सर्दी का एहसास होने लगा। वहीं अपराह्न करीब दो बजे सर्द हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों की कंपकंपी छुटा दी। दोपहर में तमाम महिलाएं पुरुष तो बारिश होने की आशंका से छाता लेकर ही घरों से निकले, वहीं जो लोग छाता नहीं ले जा सके, वे मामूली रूप से भीग गए। सर्द हवाएं चलने पर किसी ने युवकों ने कानों में रूमाल बांध लिया तो महिलाओं और युवतियों ने स्टॉल से चेहरे और कानों को ढककर सर्दी से बचाव किया। बावजूद इसके रामलीला मैदान में लगे मेले, शहर के मुख्य बाजारों में लोगों की खासी भीड़ नजर आई।