कार्यक्रम में पहुंचे जिले के मुखिया डीएम शंभूनाथ भी इतने भव्य इंतजामों को देखकर बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा की तारीफ करने से नहीं रोक सके थे, लेकिन रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में क्रीड़ा रैली का असली रूप देखने को मिला। रविवार को हुई प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले कई छात्र-छात्राओं पर माध्यमिक विद्यालयों के होने का आरोप लगते रहे। वहीं अपने से बड़े बच्चों को देखकर विरोध करने वाले बच्चों को शिक्षकों द्वारा फटकार लगाई गई। जिससे बच्चों ने खुलेआम बेईमानी का आरोप लगाते हुए प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग नहीं किया।
कबड्डी प्रतियोगिता में उसावां ब्लाक की टीम को ये कहकर बाहर कर दिया गया कि ये छात्राएं कस्तूरबा विद्यालय की हैं न कि परिषदीय विद्यालय की वहीं 200 मीटर दौड़ में वजीरगंज ब्लाक का प्रतिनिधित्व कर रहे छात्र को माध्यमिक विद्यालय का छात्र होने के आरोप में बाहर कर दिया। खो-खो प्रतियोगिता में कादरचौक ब्लाक के दो छात्रों को भी माध्यमिक का छात्र होने के आरोप में बाहर कर दिया गया, लेकिन, जगत ब्लाक की टीमों में माध्यमिक के छात्र-छात्राओं को शामिल किए जाने और दूसरे ब्लाकों की टीम के सही बच्चों को माध्यमिक विद्यालयों के बच्चे होने के आरोप में बाहर किए जाने के बाद विवाद बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा के पास पहुंचा। बीएसए ने सभी की बात सुनने के बाद प्रतियोगिताओं को दोबारा कराने का आश्वसन दे दिया लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जिससे नाराज बच्चों ने प्रतियोगिता का बहिष्कार कर दिया। उसावां ब्लाक की कबड्डी टीम को लेकर आईं शिक्षिका चंद्रकला देवी ने बच्चों के साथ बीएसए को लिखित तौर पर शिकायत दी। जिस पर कार्रवाई करते हुए बीएसए ने तुरंत जांच कराने के बाद पुन: प्रतियोगिता कराने का आश्वासन दिया। वहीं 200 मीटर दौड़ में प्रतिभाग करने वाली वजीरगंज ब्लाक की उच्च प्राथमिक विद्यालय की छात्रा वीना की तबियत बिगड़ गई, लेकिन कोई भी शिक्षक उसे उपचार को लेकर नहीं गया। अपनी सहेली की गोद में यह छात्रा बार-बार अपनी मां का नाम पुकार रही थी। इतनी बड़ी क्रीड़ा रैली के आयोजन में लाखों रुपये फिजूल खर्च किए गए लेकिन चिकित्सा का कोई इंतजाम नहीं किया गया।
जब शिक्षक ने मंगाई कुर्सी
पुलिस परेड ग्राउंड में चल रही परिषदीय विद्यालयों की जनपदीय रैली में एक शिक्षक ने कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र से कुर्सी मंगाई तो वह छात्र अपने सिर पर कुर्सी रखकर ग्राउंड में चलता दिखा। कुछ शिक्षकों ने इस छात्र का मजाक बनाया तो किसी ने फोटो खीची।
मेरे संज्ञान में भी इस तरह की बातें आईं जिस पर तुरंत कार्रवाई की गई और ऐसे बच्चों को प्रतियोगिताओं से बाहर किया गया। बच्चों द्वारा प्रतियोगिताओं के बहिष्कार का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है यदि ऐसा है तो इस बारे में जांच कराई जायेगी।
-आनंद प्रकाश शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी