उझानी (बदायूं)। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने खिलाड़ियों में नए उत्साह का संचार किया है। भाला फेंक में नीरज चोपड़ा को स्वर्ण और हॉकी, बैडमिन्टन, कुश्ती, मुक्केबाजी, भारत्तोलन में भी पदक मिलने से खिलाड़ी, खेल प्रेमी ही नहीं आयोजक भी उत्साहित हैं।
स्थानीय स्तर पर खेलकूद के आयोजनों में गूंज सामाजिक जनकल्याण शिक्षा समिति का काफी समय से विशेष योगदान रहा है। क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल, तीरंदाजी और हॉकी की प्रतिभाओं के लिए समिति की ओर से करीब एक दशक में ऐसे आयोजन किए गए जो उन्हें आगे बढ़ने में प्रेरित करते रहे हैं। तीरंदाजी में प्रदेश स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन करके चमकी छात्रा कशिश खान का आईटीबीपी में खेल कोटा से चयन हो चुका है। ओलंपिक में भारत के खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से समिति के पदाधिकारियों समेत इलाके में खेलकूद से जुड़ाव रखने वालों में खुशी की लहर है।
स्थानीय खिलाड़ी योगेश प्रताप सिंह कहते हैं कि इलाके में ऐसी कई खेल प्रतिभाएं हैं, जिन्हें संसाधन और सुविधाएं मुहैया कराए जाते रहें तो वे अपनी छाप छोड़ सकती हैं। कोरोना काल में आयोजनों पर ब्रेक जरूर लगा लेकिन आने वाले समय में ऐसे आयोजन कराए जाएंगे जो खेल प्रतिभाओं को निखारने में सहायक बनें।
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ओलंपिक संघ की ओर से खेलकूद के कई आयोजन किए गए हैं। हर बार ही खेल प्रतिभाओं को चमकने का पूरा मौका मिला। जिले में हालांकि संसाधनों का अभाव है लेकिन संघ ने अपने स्तर से हर बार बेहतर सुविधा मुहैया कराने का प्रयास किया है। आगे भी प्रयास जारी रहेंगे।
- राजन मेंदीरत्ता, अध्यक्ष, ओलंपिक संघ
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ओलंपिक में भारतीयों के प्रदर्शन से प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिली है। प्रतिभाओं को संवारने के लिए जल्द ही खेलकूद के आयोजन शुरू किए जाएंगे। संस्था की ओर से जरूरी संसाधन मुहैया कराने में कसर नहीं छोडे़ंगे।
- किशनचंद्र शर्मा, चेयरमैन, गूंज
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खेलकूद को स्कूल और कॉलेज स्तर से भी बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है। छात्र और छात्राओं को उनकी अभिरुचि के अनुसार खेलकूद में तराशा जाना चाहिए। उन्हें बेहतर संसाधन भी मुहैया कराए जाने चाहिए। जरूरी है कि सामाजिक स्तर पर भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ाया जाए।
- मुकेश शर्मा, खेल प्रेमी
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इलाके में खेलकूद के आयोजनों से प्रतिभाओं को बढ़ाने की संभावनाएं अधिक हैं। फुटबॉल के प्रति भी युवाओं का रुझान है। नगर, ब्लॉक फिर जिला स्तर के आयोजन होने चाहिए। श्रेणीबद्ध तरीके से खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा तो वह जरूर चमकेंगे।
- चांद मोहम्मद, फुटबॉल कोच