पहले तो हाइवे पर स्पीड ब्रेेकर होने नहीं चाहिए। अगर बनाए भी जाएं नियमानुसार। मगर बरेली-बदायूं हाईवे पर जहां रविवार को हादसा हुआ था वहां नियमों को दरकिनार करके पीडब्ल्यूडी ने अपने तरीके से स्पीड ब्रेकर बना दिए। नतीजा यह कि स्पीड ब्रेकर की वजह से कई बार खूनी हादसे हो चुके हैं।
सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी शादाब ने बताया कि हाइवे पर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए शासन से अनुमति लेने पड़ती है। मगर जहां दुर्घटनाएं होती हैं वहां प्रशासन और पुलिस के दबाव में स्पीड ब्रेकर बनाने पड़ते हैं। नियमानुसार तीन-तीन इंछ ऊंचाई की लाइनों के एक मीटर में ब्रेकर बनना चाहिए। मगर जहां रविवार को हादसा हुआ वहां पीडब्ल्यूडी ने स्कूल वालों के कहने पर बच्चों की सुरक्षा की दृष्टि से ब्रेकर बहुत पहले बना दिया गया था। ब्रेकर ऊंचा होने के साथ वहां कोई संकेतक या रंबल स्ट्रिप नहीं है। रोड का दुबारा निर्माण किया जा रहा है। तब नियमानुसार स्पीड ब्रेकर बनाए जाऐंगे।
लघु सिंचाई विभाग में कर्मचारी वेद प्रकाश के एक बेटी और दो बेटों में अब एक ही बेटा रह गया। सबसे बड़ी बेटी प्रीति और बड़ा बेटा राहुल एमए पास कर चुके थे। छोटा बेटा विमल बीए का छात्र है। प्रीति और राहुल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे थे। राहुल मर्चेंट नेवी में जाना चाहता था। वह करीब सात साल पहले मर्चेंट नेवी की ट्रेनिंग भी कर चुका था। प्रीति शिक्षक बनने की तैयारी कर रही थी। वह रविवार को भाई राहुल के साथ सीटीईटी परीक्षा की देने बाइक पर बरेली जा रही थी। मगर रास्ते में स्पीड ब्रेकर पार करते समय राहुल की बाइक लड़खड़ा गई, जिससे भाई-बहन को सामने से आई डीसीएम ने रौंद दिया। अब वेद प्रकाश का इकलौता बेटा विमल बचा है।
मोहल्ले में मातमी सन्नाटा
प्रीति और राहुल की मौत से परिवार ही नहीं पूरा मोहल्ला गमजदा है। जवान बेटा-बेटी की मौत से वेद प्रकाश और उनकी पत्नी पूरी तरह टूट चुके हैं। जिला अस्पताल में पति-पत्नी कई बार बेसुध होकर गिर पड़े। रविवार को हादसे की खबर मिलने के बाद मोहल्ले में सन्नाटा पसरा रहा। कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।
नियमानुसार नहीं बनाए स्पीड ब्रेकर
हाईवे पर मनमाने ढंग से बनाए जा रहे स्पीड ब्रेकर हादसों की वजह बन रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बनाने के लिए मानक तय किए हैं, लेकिन मानकों को पलीता लगाया जा रहा है। तमाम जगहों पर लोग अपनी सुविधा के अनुसार स्पीड ब्रेकर बना लेते हैं।