शहर विधानसभा सीट से अभी किसी भी दल ने अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। समाजवादी पार्टी से सत्तारूढ़ विधायक आबिद रजा को निकाले जाने के बाद से सभी की निगाहें सपा के संभावित उम्मीदवार पर ही टिकी हैं। हालांकि इस बीच तमाम कयास लगाए गए। चर्चा यहां तक हो गई कि सांसद अपनी पत्नी को शहर सीट से उतारने के बारे में सोच रहे हैं, लेकिन उनके करीबियों ने इस चर्चा पर पूर्ण विराम लगा दिया है। उनका कहना है कि शहर सीट से समाजवादी पार्टी का मुस्लिम उम्मीदवार ही होगा। कई नामों पर चर्चा चल रही है। बस हाईकमान से हरी झंडी मिलने की देर है, नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
गाय, गंगा और सड़क काटने के मुद्दे पर सांसद धर्मेंद्र यादव से सीधी जंग छेड़ने वाले विधायक आबिद रजा ने यह कहकर सियासी खेमे में हलचल पैदा कर दी है कि अगर सांसद अपनी पत्नी को चुनाव लड़ाते हैं, तो उनके खिलाफ वह अपनी शरीके हयात फात्मा रजा को मैदान में उतारेंगे। इससे दोनों को अपने सियासी कद का अंदाजा हो जाएगा। इसके बाद से सांसद खेमा हरकत में आया। सांसद के करीबियों की मानें तो धर्मेंद्र यादव सीधे तौर पर कोई भी बयानबाजी करने से बच रहे हैं, लेकिन ये सच है कि उनकी पत्नी का बदायूं से चुनाव लड़ने की बात महज चुनावी शिगूफा है। सांसद की पत्नी यहां से चुनाव लड़ने नहीं जा रहीं।
जहां तक शहर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार का सवाल है तो ये पक्का है कि कोई मुस्लिम ही यहां से मैदान में उतारा जाएगा। पार्टी हर स्तर से उम्मीदवार को परखने के बाद उसका ऐलान करेगी। पार्टी सूत्र बताते हैं कि कई नाम हाईकमान के पास पहुंच चुके हैं, लेकिन अंतिम मुहर सीएम और सांसद की सहमति से ही लगेगी। अभी अन्य पार्टियों ने भी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आबिद रजा ने भी किसी दल से हाथ नहीं मिलाया है। उनके विकल्प खुले हैं, ऐसे में सपा जल्दबाजी में आकर कोई कदम नहीं उठाना चाहती।