ऐतिहासिक
मखदून जहां के मकबरे के पास
अवैध निर्माण कराने के मामले
में सिविल लाइंस थाना पुलिस
ने सपा के नगराध्यक्ष के खिलाफ
मुकदमा दर्ज किया है। यह मुकदमा
भारतीय पुरातत्व विभाग की ओर
से दर्ज कराया गया है। मामला
सत्ता पक्ष के नेता से जुड़ा
होने की वजह से प्रशासन लगातार
बैकफुट पर है। ऐतिहासिक महत्व
की जमीन पर अवैध निर्माण का
किसी भी प्रशासनिक अधिकारी
ने मौका मुआयना तक नहीं किया
है। हालांकि सिविल लाइंस थाना
पुलिस ने ऐतिहासिक धरोहर को
जीर्णशीर्ण करने के मामले
में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सिविल
लाइंस थाना क्षेत्र के मीरा
सराय रोड पर ऐतिहासिक मखदून
जहां का मकबरा है। नियमानुसार
पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित
इस ऐतिहासिक मकबरे के दो सौ
मीटर परिधि में कोई भी निर्माण
नहीं हो सकता। ऐसा करने वालों
को जुर्माना और सजा का प्रावधान
है। बावजूद इसके सपा नेता
तनवीर हसन मकबरे के पास निर्माण
करा रहे थे। अमर उजाला ने इस
खबर को 24
और 25
नवंबर
को प्रमुखता से प्रकाशित किया।
इस पर विनियमित क्षेत्र के
जेई ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपी।
जेई ने अपनी रिपोर्ट में माना
कि प्रतिबंधित क्षेत्र में
निर्माण कराया जा रहा है।
बावजूद इसके निर्माण कराने
वालों के खिलाफ न तो कोई कार्रवाई
की गई और न ही निर्माण रुकवाया गया।
इधर,
अमर
उजाला की खबर का पुरातत्व
विभाग के बरेली स्थित उप
कार्यालय ने संज्ञान लिया।
इसकी रिपोर्ट आगरा मुख्यालय
भेजी गई। मामले को गंभीरता
से लेते हुए आगरा मुख्यालय
ने उपमंडल संरक्षण सहायक
कन्नौज कलंदर को मामले में
रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश
दिए थे। चार दिन पूर्व उपमंडल
संरक्षण सहायक पुरातत्व विभाग
ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट
दर्ज कराने के लिए तहरीर सिविल
लाइंस थाने में दी थी। मामले
की जांच करने के बाद सिविल
लाइंस पुलिस ने ऐतिहासिक धरोहर
को जीणशीर्ण करने के मामले
में सपा के तथा कथित नेता तनवीर
हसन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर
लिया है। मामले में नामजद
तनवीर हसन सपा का नगराध्यक्ष
है और नगर परिषद चेयरमैन पद
का चुनाव भी लड़ चुका है।
शहर
में कई ऐतिहासिक महत्व के स्थल
हैं। इन पर पुरातत्व विभाग
की ओर से चेतावनी लिखे बोर्ड
भी लगाए गए हैं। इन पर साफ लिखा
है कि ऐतिहासिक स्थल के दो सौ
मीटर परिधि में किसी तरह का
निर्माण या फेरबदल नहीं हो
सकता। ऐसा करने वालों को एक
लाख रुपये जुर्माना और दो साल
की सजा का प्रावधान है।
जिले
में पुरातत्व विभाग का कार्यालय
नहीं है। ऐसे में पुरातत्व
महत्व के स्थलों को माफिया
खुर्दबुर्द कर रहे हैं। बरेली
में पुरातत्व विभाग का उप-कार्यालय
है,
लेकिन
यह भी उप मंडल कन्नौज से संबंधित
है और उपमंडल कन्नौज आगरा से
संबद्व है। ऐसे में ऐतिहासिक
महत्व के स्थलों पर अवैध निर्माण
के मामले काफी देरी से पुरातत्व
विभाग के पास पहुंचते हैं।
पुरातत्व
विभाग के संरक्षण सहायक उपमंडल
कन्नौज कलंदर की मानें तो
मुस्लिम बादशाह जलालुद्दीन
अहमद शाह की मां मखदून जहां
के मकबरे के पास अवैध निर्माण
की जानकारी अमर उजाला से ही
मिली। उप-कार्यालय
बरेली ने जो रिपोर्ट आगरा
मुख्यालय भेजी थी उसमें अमर
उजाला की खबरों का जिक्र था।
इसी आधार पर उन्होंने पिछले
दिनों बदायूं का दौरा कर सिविल
लाइंस पुलिस को तनवीर हसन के
खिलाफ तहरीर दी थी।
मौका
मुआयना में पता चला कि मखदून
जहां के मकबरे के पास निर्माण
कराने वाले तनवीर हसन है। उनके
खिलाफ सिविल लाइंस थाने में
तहरीर दे दी थी। सिविल लाइंस
थाने में तनवीर के खिलाफ मुकदमा
दर्ज हो गया है। -
कलंदर,
संरक्षण
सहायक पुरातत्व विभाग उपमंडल
कन्नौजमामले
में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू
कर दी गई है। जो भी दोषी हैं
उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की
जाएगी। अवैध निर्माण को ढहाने
के संबंध में जिस तरह के दिशा
निर्देश उच्च स्तर से मिलेंगे
उनका पालन किया जाएगा। -
अजय
कुमार यादव,
एसओ
सिविल लाइंस