पुलिस की कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
आदित्य यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के बाद आरोपी ने खुद आत्मसमर्पण किया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे मुठभेड़ में गिरफ्तार दिखाया। उन्होंने प्लांट परिसर में सीसीटीवी फुटेज न मिलने पर भी आश्चर्य जताया और कहा कि सामान्य मामलों में कुछ ही घंटों में कॉल डिटेल और लोकेशन निकल आती है, लेकिन इस मामले में अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आरोपी किसके संपर्क में था और उसे किसने उकसाया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में थाना प्रभारी से लेकर डीएम और एसएसपी तक की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही प्लांट में तैनात सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। सपा सांसद ने कहा कि ऐसी घटनाओं से प्रदेश की कानून-व्यवस्था की छवि प्रभावित होती है और निवेश पर भी असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।
'गैस के लिए लाइन में लगे हैं लोग, सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही'
सांसद ने कहा कि इस समय पूरे प्रदेश में गैस की किल्लत है। बदायूं में भी समस्या है। सिलिंडरों की कालाबाजारी हो रही है। सीएम कह रहे हैं कि गैस की कमी नहीं लेकिन लोग परेशान हैं। ऐसे में सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। उन्होंने कहा कि आज विश्व फोरम पर भी देश का असर घटा है। कहा किसान परेशान हैं। आलू का उचित रेट नहीं मिल रहा लेकिन सरकार को कोई मतलब नहीं। सांसद ने कहा कि यूपी में भाजपा सरकार लगातार ब्राह्मण समाज को नीचा दिखाने का काम कर रही है। पुलिस भर्ती परीक्षा के सवाल में ब्राह्मण समाज का अपमान हुआ। पहले भी जो घटनाएं हुई उन मामलों में सरकार इस समाज को न्याय नहीं दिलवा सकी है।