बदायूं। सोत नदी को पुनर्जीवित करने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन को सफलता मिल गई है। आंदोलनकारियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने नदी को पुनर्जीवित करने की अनुमति दे दी है। अब नदी में किए गए अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। जगह- जगह इसकी खुदाई कराई जाएगी। इससे नदी में फिर से पानी आ सकेगा।
अमरोहा से निकलने वाली सोत नदी बदायूं होते हुए शाहजहांपुर में गंगा में मिल जाती है। बदायूं में यह नदी 130 किलो मीटर लंबी हैं। इस नदी पर जगह- जगह कब्जे हो गए हैं। यह अपना अस्तित्व खो चुकी है। इसमें पानी नहीं रहता है। इसे पुनर्जीवित किए जाने की मांग को लेकर नगर के कई लोग लंबे समय से आंदोलन चला रहे हैं। सोत नदी बचाओ अभियान को आंदोलनकारियों ने शासन तक पहुंचाया। कई बार केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से मिले। इसके अलावा कई मंत्रियों और मुख्यमंत्री ज्ञापन दिया। हाल में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोत नदी को पुनर्जीवित करने का निर्देश जारी कर दिया। इससे आंदोलनकारियों में खुशी है।
जिलाधिकारी अवनीश राय ने बताया कि नदी को पुनर्जीवित करने की कार्ययोजना बनाकर जल्द काम शुरू कराया जाएगा। जल निगम की ओर से घाटों की मरम्मत का काम भी शुरू करा दिया गया है। इसके साथ ही तेजी से गिरते जल स्तर में भी सुधार होगा।
सोमवार को सोत नदी बचाओ अभियान से जुड़े आंदोलनकारियों ने बीजेपी के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक भारतीय के साथ घाटों का निरीक्षण किया और इसमें सहयोग देने और इसके संरक्षण की शपथ ली। इस दौरान सोत नदी आंदोलन के फाउंडर सुमित अग्रवाल, साजिद खान, मुस्लिम खान, आदिल खान, इमरान खान, खालिद महमूद, अशरफ गुलशन, मुकेश राठौर, कुणाल खान, विकेश कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
क्या कहते हैं किसान और आम लोग
लाखों किसानों को मिलेगा लाभ
सोत नदी बचाओ अभियान को सफलता मिली है। हाल ही में राज्य जल संसाधन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से मिला और सोत नदी के बारे में अवगत कराया था। उन्होंने इसके कायाकल्प का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री ने इसको अपने प्रोजेक्ट में शामिल कर लिया है। जल्द ही सोत नदी पुनर्जीवित होगी। - अशोक भारतीय, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, बीजेपी
सिंचाई का संकट होगा दूर
सोत नदी के पुनर्जीवित होने से किसानों की सिंचाई का संकट दूर हो जाएगा। छोटे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और बोरिंग कराने की जरूरत नहीं होती है। उनको सिंचाई का अच्छा साधन उपलब्ध होगा। नदी के अस्तित्व में लौट आएगी। - मुस्लिम खान, समाज सेवी
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सालों से उठता आ रहा था मुद्दा, अब मिली मंजूरी
सोत नदी को पुनर्जीवित किए जाने की मांग कई सालों से उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नदी को पुनर्जीवित करने का निर्देश देकर सराहनीय कार्य किया है। इससे वन्य जीवों और वनस्पतियों को जीवन मिलेगा। पक्षियों को भी जल मिलेगा। गिरते जल स्तर में सुधार होगा। - सुमित अग्रवाल,फाउंडर, सोत नदी बचाओ अभियान
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नदी के सूखने से सभी वर्गों को नुकसान हुआ है। इसके पुनर्जीवित होने से लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी। सभी वर्गों को इसका लाभ मिलेगा। व्यापारी वर्ग भी इससे लाभान्वित होगा। आंदोलनकारियों की मांग को मुख्यमंत्री ने मान लिया है। - खालिद महमूद खान, नगर अध्यक्ष, पश्चिमी उद्योग व्यापार मण्डल, ककराला
अशोक भारती।
अशोक भारती।
अशोक भारती।
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