कासगंज वाले छोर पर रही श्रद्धालुओं की सर्वाधिक भीड़
सोमवती अमावस्या पर सोवमार को कछला गंगाघाट हर-हर गंगे से गूंज उठा। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाकर पूजन किया। सर्वाधिक भीड़ कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर रही। बूंदाबांदी के साथ खराब मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को प्रभावित नहीं कर पाया।
कछला गंगाघाट पर तड़के से श्रद्धालुओं के पहुंचने को जो सिलसिला शुरू हुआ, वह अपराह्न तक चलता रहा। सुबह में हालांकि भीड़भाड़ कम रही। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान का सूर्य को अर्क देकर मनोकामना को प्रार्थना की। हवन-पूजन भी कराया गया। महिलाओं ने मंगलगीतों के साथ गंगा मइया की स्तुति की। राजस्थान के भरतपुर से पहुंची श्रद्धालुओं की टोली ने गंगा की आरती भी की। साधु और संतों को दक्षिणा भेंट की गई।
स्नान पर्व के दौरान हालांकि बूंदाबांदी चलती रही लेकिन श्रद्धालुओं का जोश कम नहीं पड़ा। बच्चों के मुंडन संस्कार भी कराए गए। कासगंज और बदायूं के कई परिवार के लोगों ने कुष्ठ आश्रम पहुंचकर कुष्ठ रोगियों को भोजन भी कराया। आश्रमों में भी भीड़भाड़ रही। बता दें कि सोमवती पर इस बार पिछले साल के मुकाबले भीड़ कम रही। पिछले साल करीब दो लाख श्रद्घालुओं ने गंगा स्नान किया था।
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पांच घंटा तक बरेली-मथुरा हाइवे रहा ठप
उझानी। सोमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ की वजह से कासगंज वाले छोर पर आवागमन की व्यवस्था चरमरा गई। कासगंज की सोरों कोतवाली पुलिस ने नगरिया कसबे में ही भारी वाहनों को रोके रखा लेकिन बदायूं की ओर से निकले वाहनों की वजह से सड़क की जाम लग गया। करीब 11 बजे से जाम अपराह्न तक लगा रहा। कछला से नगरिया तक वाहनों के पहिए थम गए। जाम का माहौल कछला पुल पर दिखा। उझानी पुलिस ने वितरोई मोड़ पर ट्रकों को रोक लिया था। जाम खुलवाने के लिए पुलिस को डंडे भी फटकारने पड़े। बरेली-मथुरा हाइवे पर करीब पांच घंटा तक आवागमन प्रभावित रहा। अलीगढ़, आगरा, मथुरा और कासगंज से बदायूं-बरेली आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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एसडीएम और सीओ ने भी रखी नजर
उझानी। कछला में सेेमवती अमावस्या पर श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक होने की वजह से एसडीएम सदर जंगबहादुर यादव और सीओ जेएस पाटनी खुद घाट पर मौजूद रहे। राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र सिंह और लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र के साथ 20 राजस्व कर्मियों की टीम ने भी घाट पर ड्यूटी की। नगर पंचायत कर्मियों ने व्यवस्थाओं में हाथ बंटाया। कोतवाल गोपीचंद्र यादव और चौकी इंचार्ज सुभाष यादव ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर नजर रखी।
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डूबने से बचे भरतपुर के दो युवक
उझानी। गंगा में जलस्तर अधिक होने के बाद श्रद्धालुओं ने स्नान के दौरान रिस्क लेना नहीं छोड़ा। नहाते वक्त राजस्थान में भरतपुर निवासी 32 वर्षीय हरीओम और उसका दोस्त रामदीन (30) गहरे में चले गए। उन्हें डुबकी लगते देख श्रद्धालुओं ने शोर मचाया तो नाविक आ गया। उसने दोनों को सकुशल बाहर निकाल लिया। इसे लेकर कुछ देर तक अफरातफरी का भी माहौल रहा।