फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धांधली की भेंट चढ़ा ड्रीम प्रोजेक्ट, उपकरण खा रहे जंक

Thu, 29 Jan 2015 08:25 PM IST
badaun
विज्ञापन
विज्ञापन
पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बन रहा ड्रीम प्रोजेक्ट सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट धांधली की भेंट चढ़ता हुआ नजर आ रहा है। प्लांट का काम दिसंबर 2012 तक पूरा होना था। इससे पहले ही प्रोजेक्ट में कई पेंच फंस गए। शासन से धन रिलीव न होने के कारण डेढ़ साल काम रुका रहा। इसके बाद जब शासन ने धन मिला तो प्रोजेक्ट निर्माण में जुटी एटूजेड और अकार्डो हाईड्रोएअर के बीच विवाद हो गया। इसी दरमियान फर्जी बैंक गारंटी का मामला भी सामने आया। प्लांट चालू होने से पहले नगर पालिका ने भी करोड़ों रुपये के उपकरण खरीद लिए। यह उपकरण दो साल से खुले आसमान के नीचे जंक खा रहे हैं।
विज्ञापन

सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट चालू होने से पहले नगर पालिका ने करीब दो करोड़ रुपये के उपकरणों की खरीद कर ली। इनमें कई वाहन भी शामिल हैं। यह उपकरण नगर पालिका और वाटर वर्क्स परिसर में खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। इधर नगर पंचायत गुलड़िया के पास गांव उतरना में लग रहे सॉलिडवेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का काम पिछले छह महीने से बंद है। एटूजेड-अकार्डो हाइड्रोएअर के बीच विवाद निपटने का नाम नहीं ले रहा है। अधिकारी भी जाम शुरू कराने में दिलचस्पाी नहीं ले रहे हैं।
कार्यदायी संस्थान सीएंडडीसी ने भी दोनों कंपनियों के विवाद से हाथ खींच लिया है। पीपीपी मॉडल पर जिले में यह पहला ड्रीम प्रोजेक्ट है। पहले प्रोजेक्ट को ही धांधलेबाजी ने पलीता लगा दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें