उसावां ब्लाक के ग्राम पंचायत रिजोला में बनाए जा रहे सौर ऊर्जा प्लांट में करीब 1600 कर्मचारी लगाए जाएंगे। इनमें सबसे पहले उन ग्रामीणों को लगाया जाएगा, जिन्होंने अपनी जमीन प्लांट के लिए दी है। इनमें चार गांवों माधुरी नगला, गौरी नगला, गोविंद नगला और रौता के करीब सौ किसान शामिल हैं।
करीब दो अरब की लागत से 12 सौ बीघा में बनाए जा रहे सौर ऊर्जा प्लांट से ग्रामीण को विकास की सौगात मिली है। इससे गांवों का विकास ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। जमीन उपजाऊ न होने की वजह से फसल नहीं हो पाती थी। मुश्किल से बाजरे की फसल होती है। किसानों ने विकास का नाम सुनकर अपनी जमीन एक कंपनी को बेंच दी है। लोगों ने बताया कि कंपनी वालों ने उनको प्लांट में नौकरी देने का एक शपथ पत्र दिया है। कार्यदायी संस्था नीलकंठ के चेेयरमैन डॉ. शिव गौड़ ने बताया कि प्लांट का कार्य शुरू हो चुका है। जमीन का समतलीकरण तो दस जून से चल रहा था। अब रोड और बिजली का कार्य चल रहा है। प्लांट का काम दिसंबर तक पूरा होना है। इसमें सबसे पहले जमीन देने वाले किसानों को वरीयता दी जाएगी।