जिले में सौर-ऊर्जा से नलकूपों के संचालन को लेकर फूंक-फूंककर कदम उठाए जा रहे हैं। प्रदेश के सात जिलों में सरकारी नलकूपों को सौरऊर्जाकृत किए जाने के परिपेक्ष्य में इस बात का भी ध्यान रखा गया है कि कहीं पैनल चोरी न हों। इसके लिए जहां नलकूपों की बाउंड्रीवाल बनाने पर विचार हो रहा है, वहीं पैनल चोरी रोकने को नलकूपों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
प्रदेश में सौरऊर्जाकृत नलकूपों के लिए प्रदेश के सात जिलों को चुना गया है। इसमें बदायूं का भी नाम शामिल है। इन सात जिलों में 6076 नलकूपों को सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत करने के लिए निर्देश शासन से प्राप्त हो चुके हैं। जिले में 250 नलकूपों का सौर ऊर्जीकरण किया जाना है। पहले चरण में प्रदेश में दो हजार और बदायूं में 125 नलकूपों को इस श्रेणी में लिया गया है। म्याऊं ब्लाक के गांव असधरमई में इस प्रकार का नलकूप संचालित हो चुका है। इसके सफलता पूर्वक संचालित होने के साथ ही आगे के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। जिले में सौर ऊर्जा के पैनल चोरी की घटनाओं के मद्देनजर पैनल सुरक्षा को भी सिंचाई विभाग ने ऐसे हर नलकूप पर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने को कहा है। इस प्रकार एक नलकूप पर करीब 15 लाख रुपये लागात आ रही है। इस लागात में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना भी शामिल की गई है।
सौर ऊर्जा से संचालित होने वाले नलकूपों में सबसे कीमती पैनल ही होते हैं और सबसे महत्व के भी। इस संबंध में कार्ययोजना बनी भी उस समय ग्रामीणों की जो राय शामिल की गई थी उसी आधार पर पैनल सुरक्षा को सीसीटीवी कैमरा लगाए जाने को भी कार्य योजना में शामिल कर लिया गया था।
-गिरीश कुमार, एक्सईएन, नलकूप विभाग