कंप्यूटर और जैम-जैली का प्रशिक्षण बनाएगा आत्मनिर्भर
जिला स्तरीय समिति की त्रैमासिक बैठक में कई फैसले
जेल में बंदियों को प्रोफेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षण दिया जाएगा। बंदियों को आत्मनिर्भर कराने के लिए जैम-जैली और कंप्यूटर में दक्ष किया जाएगा। जिला जज नरेंद्र कुमार जौहरी की अध्यक्षता और डीएम पवन कुमार की सह अध्यक्षता वाली कमेटी की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में जेल में सुरक्षा के साथ बंदियों के स्वास्थ्य के संबंध में भी निर्णय लिए गए। जेल में हर महीने हेल्थ कैंप लगाया जाएगा।
कलक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में सोमवार को जिला जज नरेंद्र कुमार जौहरी, डीएम पवन कुमार, सीडीओ अच्छे लाल यादव, एसएसपी महेंद्र यादव, सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार समेत विभिन्न विभागों के कमेटी में शामिल 22 अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया। जिला जज ने जेल में निर्माणाधीन शौचालयों का काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जेल में महिला बंदियों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए महिला डॉक्टर से साप्ताहिक परीक्षण कराने के आदेश दिए। डीएम पवन कुमार ने सीएमओ को निर्देश दिए कि जेल में हर महीने हेल्थ कैंप का आयोजन किया जाए। डीएम ने बीएसए को जेल में एक और शिक्षक की तैनाती का आदेश दिया। एसएसपी ने जेल में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम की बात कही। जरूरत के मुताबिक जेल में होमगार्ड तैनात करने को कहा।
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बंदियों और कैदियों की कराई जाएगी एचआईवी जांच
बदायूं। जिला जेल की क्षमता 529 बंदियों की है। क्षमता से ज्यादा जेल में 2050 बंदी और कैदी हैं। बैठक में बंदियों और कैदियों की सुरक्षा के साथ उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर ज्यादा गौर किया गया। जिला जज और डीएम ने जेल में बंदियों और कैदियों की एचआईवी जांच कराने की व्यवस्था के निर्देश भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए।