दक्षिण कोरिया में जीत के बाद खुशी का इजहार करतीं वैष्णवी शर्मा। स्रोत: कोच
उझानी। दक्षिण कोरिया में आयोजित एशियाई रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप में भारतीय टीम को रजत पदक मिला है। टीम ने हालांकि नेपाल, चीन और जापान के शुरुआती मुकाबले जीते, लेकिन स्वर्ण पदक के लिए खिताबी मुकाबले में आस्ट्रेलिया के हाथों भारत को हार का सामना करना पड़ा। टीम को पदक दिलाने में उपकप्तान वैष्णवी शर्मा का विशेष योगदान रहा। इससे उनके नाना राकेश शर्मा के घर में पूरे दिन खुशी का माहौल रहा।
रोलर स्केटिंग टीम की उपकप्तान वैष्णवी शर्मा मूलत: बिजनौर की हैं। पिता गोपाल शर्मा बिजली विभाग में मुरादाबाद में तैनात हैं। वैष्णवी ने नाना राकेश शर्मा के घर पर रहकर पढ़ाई की है। उनकी मां प्रीती शर्मा भस्तीय स्केटिंग टीम की कोच हैं। उन्हीं की मौजूदगी में एशियाई रोलर स्केटिंग डर्बी चैंपियनशिप में हिस्सा लेने को 17 सदस्यीय टीम 21 जुलाई को दक्षिणा कोरिया के जीचियोन रवाना हुई थी। टीम की कप्तान पुणे की श्रुति शिरोडकर हैं। कोच प्रीती ने बताया कि भारतीय टीम ने नेपाल, चीन और जापान को रोचक मुकाबलों में हरा दिया था। जापान की टीम तो भारतीय के 235 अंक के मुकाबले महज 19 अंक पर सिमट गई थी।
आस्ट्रेलिया ने 230 अंक के साथ स्वर्ण पदक तो 160 अंक हासिल होने पर भारतीय टीम को दूसरे रजत पदक पर ही संतोष करना पड़ा। 31 जुलाई को भारतीय टीम लौटेगी। वैष्णवी के नाना राकेश शर्मा ने बताया कि उनके बाबा पंडित शिवदत्त रावत स्वतंत्रता सेनानी थे। वैष्णवी इससे पहले अन्य देशों में भी खेल चुकी हैं। वह बांके बिहारी कन्या महाविद्यालय में बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं।