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Budaun News: सोशल साइट पर अपलोड वीडियो के लाइक और कमेंट्स बना रहे बीमार

Wed, 21 Jun 2023 01:31 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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बदायूं। आवास विकास कॉलोनी की 16 साल की लड़की सोशल साइट पर बहुत सक्रिय रहती है। वह रोजाना ही अपना कोई न कोई वीडियो को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर अपलोड करती थी। वीडियो पर मिलने लाइक्स और कमेंट्स को देखकर खुश होती थी। अचानक वह अवसाद का शिकार हो गई। परिजन हैरान हो गए। वजह तलाशी तो पता चला कि उसके वीडियो पर ज्यादातर कमेंट्स उसका मेकअप ठीक न होने के आ रहे थे।
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उसकी मित्र सूची में शामिल कुछ लोग कमेंट्स बॉक्स में उसके सुंदर न दिखने की बात लिख देते थे। इससे वह मानसिक तनाव में रहने लगी। परिजनों ने उसे मनोचिकित्सक को दिखाया तो उन्होंने बताया कि वह बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की शिकार हो गई है। कई महीने इलाज और काउंसलिंग के बाद वह सामान्य हो पाई। यही स्थिति नेकपुर के एक युवक की हुई। उसके वीडियो पर कुछ ऐसे कमेंट्स आए, जिन्हें पढ़ने के बाद उसने यह मान लिया कि वह वीडियो के माध्यम से मशहूर नहीं हो पाएगा। वह दिखने में अच्छा नहीं लगता है। खुद पर से ही उसका भरोसा उठ गया।
दरअसल, सोशल साइट ने लोगों को मशहूर होने के लिए कई प्लेटफार्म उपलब्ध करा दिए हैं। इनके जरिये तमाम लोग कम समय में अच्छी प्रसिद्धि पा लेते हैं। फेमस होने के लिए वह तमाम जतन भी करते हैं। खुद को सुंदर, आकर्षक और चुस्त-दुरुस्त दिखाने के लिए अपना रूटीन भी बदल लेते हैं। उनका अधिकतर समय मेकअप और मोबाइल में गुजरता है। उनका यही शौक उन्हें बीमार बना रहा है। हद से ज्यादा जतन मानसिक अवसाद पैदा करता है।
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आज कल युवक- युवतियां दोनों ही तरह-तरह के वीडियो और फोटो सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर पोस्ट करते हैं। लाइक और कमेंट्स की चाहत में वे अपना पूरा समय इसमें लगा देते हैं। उनकी चाहत ही उन्हें बीमार कर रही है। कई लोगों के ऐसे कमेंट्स आते हैं। जिन्हें देखने के बाद युवा सोच में पड़ जाते हैं। वह कमेंट्स को हकीकत मान लेते हैं

कल्पना में खोए युवा व्यक्तित्व को लेकर रहते हैं आशंकित
युवा खासतौर पर लड़कियां सोशल साइट के लिए वीडियो बनाने के दौरान न सिर्फ कल्पना में डूबी रहती हैं बल्कि अपने व्यक्तित्व को लेकर तमाम आशंकाओं से भी घिरी रहती हैं। जिला अस्पताल की मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सर्वेश कुमारी के मुताबिक, वे सोचती हैं कि कहीं उनका चेहरा काला तो नहीं, बहुत ज्यादा तिल तो नहीं दिख रहे। मोटी तो नहीं हो गई हैं। चेहरा लंबा है, अगर गोरी होती तो बहुत लाइक आते। आंखें थोड़ी बड़ी होतीं और रंग दूसरों से अलग होता तो कितना अच्छा लगता। इसके आधार पर ही वे खुद को सजाने-संवारने का काम करती हैं। कभी-कभी कोई लिख देता है कि आप मोटी हैं, मेकअप ठीक नहीं लग रहा। जब ऐसे कमेंट्स बार-बार आते हैं तो उनके मन में हीनभावना आ जाती है और वे बॉडी डिस्मॉर्फिक डिसऑर्डर की शिकार हो जाती हैं।
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क्रीम भी कर रही चेहरा खराब
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेष गजेंद्र वर्मा कहते हैं कि खुद को बेहतर और सुंदर दिखाना मानव प्रवृति हैं। ऐसे में युवतियांं खुद को आकर्षक दिखाने के लिए मेकअप करती रहती हैं। क्रीम का उपयोग भी जरूरत से ज्यादा करती हैं। इससे उनके चेहरे की त्वचा खराब होने लगती है। इसे छिपाने के लिए और ज्यादा क्रीम का इस्तेमाल करती हैं। इससे चेहरा ही खराब हो जाता है।
वर्जन
- ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें युवा कमेंट्स पढ़ने के बाद अवसादग्रस्त हो गए। लोगों को यह समझना चाहिए कि सोशल मीडिया आभासी दुनिया है। जिंदगी की हकीकत से उसका कोई वास्ता नहीं है। कमेंट्स करने वाले टेंशन देने के लिए भी कमेंट्स करते हैं। आप जैसे भी हैं, उसमें ही खुश रहें। - डॉ. सर्वेश कुमारी, मनोरोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल
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