बदायूं। दहेज हत्या के मामले में जेल में बंद एक बीमार महिला बंदी की रविवार सुबह जिला अस्पताल में मौत हो गई। सुबह छह बजे उसकी अचानक हालत बिगड़ गई थी, जिससे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ देर बाद ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
महिला बंदी संतोष कुमारी (48) पत्नी भइया लाल उसहैत थाना क्षेत्र के गांव खजुरा पुख्ता की रहने वाली थी। जेल प्रशासन के अनुसार संतोष 12 अगस्त, 2023 को जेल आई थी। तभी से वह बीमार थी। 24 अगस्त को जेल प्रशासन ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। उसे टीबी, अस्थमा और हैपेटाइटिस बी की बीमारी थी।
वह 27 अगस्त तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती रही। हालत में सुधार होने के बाद छुट्टी कर दी गई। तब से उपचार चल रहा था। रविवार सुबह करीब छह बजे अचानक उसकी हालत बिगड़ने लगी, जिससे उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सुबह करीब सात बजे उसने दम तोड़ दिया।
तीन दिन पहले जेल आया था बेटा
संतोष जिस मामले में जेल भेजी गई थी। इसी मामले में उसका बेटा कप्तान छह सितंबर को जेल भेजा गया था। हालांकि मां-बेटों की जेल में मुलाकात नहीं हो पाई।
दहेज हत्या में बंद जाना पड़ा जेल
ग्राम खजुरा नगला निवासी भइया लाल की दो शादियां हुईं थीं। उनमें एक संतोष कुमारी है और उसका बेटा कप्तान है, जबकि दूसरी पत्नी का बेटा केंद्रपाल है। मां-बेटे को केंद्रपाल की पत्नी की मौत के बाद दर्ज कराए गए दहेज हत्या के मामले में जेल भेजा गया था, लेकिन केंद्रपाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं थी। इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया।
महिला बंदी जिस समय जेल आई थी, तभी से बीमार थी। उसे टीबी, अस्थमा और हैपेटाइटिस बी की बीमारी थी। उसका उपचार चल रहा था। सुबह उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी मौत हो गई। उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।- रणंजय सिंह, जेलर