शहर में संक्रामक रोगों ने दस्तक दे दी है। गंदगी, जल भराव और दूषित पानी की वजह से लोग बीमार हो रहे हैं। शहवाजपुर मोहल्ला डायरिया, मलेरिया और टायफाइड की चपेट में है। बीमारियों से यहां तीन दिन में दो लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग मौन साधे हुए है। नगर पालिका भी साफ-सफाई पर गौर नहीं कर रही।
शहवाजपुर चौराहे से आर्य समय की ओर जाने वाली रोड पर कई महीने से जलभराव है। पिछले दिनों यहां नाला निर्माण के लिए जेसीबी से खोदाई के समय वाटर सप्लाई की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से स्थिति और भी खराब हो गई है। हालांकि नगर पालिका ने पाइप लाइन को दुरुस्त करा दिया। इसके बावजूद कई घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। जलभराव और गंदगी के ढेरों से मच्छरों का भयंकर प्रकोप है। इससे लोग डायरिया और मलेरिया की जद में आ रहे हैं। संक्रामक बीमारी से शुक्रवार को मोहल्ले में गुड्डू (30) की मौत हो गई और शनिवार को बीमार चल रहीं सत्यवती जौहरी (42) ने दम तोड़ दिया। मोहल्ले में कई लोग अब भी बीमार हैं।
लोगों का कहना है कि साफ-सफाई के लिए उन्होंने कई बार नगर पालिका में अर्जी दी लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मच्छरों का भयंकर प्रकोप होने के बाद भी फांगिंग नहीं कराई जा रही है। मोहल्ले के रामौतार, सुशील, छोटे लाल, रामचंद्र, दिनेश कुमार, राज कुमार, गोपाल आदि ने फांगिंग, साफ-सफाई के साथ नगर पालिका से शुद्ध पेयजल सप्लाई कराने की मांग की है।