कथा श्रवण करते सिद्ध बरौलिया और आसपास गांव के लोग। संवाद
उघैती। सिद्ध बरौलिया गांव के सिद्ध बाबा इंटर कॉलेज में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन कथा व्यास पंकज शास्त्री ने भारत मिलाप की कथा सुनाई।
कथा व्यास ने कहा कि जब भरत अपनी ननिहाल से अयोध्या लौटे तो उन्हें भगवान श्रीराम नहीं दिखे। परिजनों से पूछने पर उन्हें श्रीराम के वनगमन का पता चला। इसके बाद भरत बिना किसी को कुछ बताए स्वयं भाई श्रीराम से मिलने वन की ओर निकल पड़े। वन में छोटे भाई भरत को देखकर श्रीराम ने उन्हें गले लगा लिया। भरत ने श्रीराम से अयोध्या वापस लौटने की जिद की, लेकिन भगवान श्रीराम ने पितृ आज्ञा का उल्लंघन न करने की बात कहते हुए इन्कार कर दिया।
इस पर भरत उनकी खड़ाऊ लेकर अयोध्या लौट आए। उन्होंने श्रीराम की तरह ही जमीन पर विश्राम कर जीवन यापन किया और राजपाट का संचालन किया। कथा व्यास ने इस प्रसंग के माध्यम से संदेश दिया कि यदि सतयुग की तरह कलियुग में भी भाई-भाई मिलकर रहें तो हर घर अयोध्या बन सकता है। इस दौरान सुरेंद्र शर्मा, देवपाल सिंह, अनिल कटिया, राजेश शंखधार, जितेंद्र मोहन शर्मा, संजीव पाठक, अनिल कटिया हरविलास शर्मा आदि मौजूद रहे।