कथा सुनाते अयोध्यादास महाराज। संवाद
बिल्सी। कछला रोड स्थित श्री माहेश्वरी धर्मशाला में मंगलवार से श्रीराम-कृष्ण समिति की ओर श्रीरामकथा का शुभारंभ हुआ। कथा के प्रथम दिन हरिद्वार से पधारे संत अयोध्यादास रामायणी ने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और असुरों का अत्याचार बढ़ा, तब-तब धर्म की रक्षा और अधर्म के विनाश के लिए परमात्मा ने अवतार लिया।
भगवान श्रीराम का अवतार भी लोक कल्याण और धर्म की स्थापना के लिए हुआ। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन सत्य, धर्म, त्याग और आदर्श का संदेश देता है। राम जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम के अवतरण से पहले ही शुभ शकुन होने लगे थे। जैसे ही प्रभु ने धरती पर जन्म लिया, पूरी अयोध्या आनंद और उत्सव में डूब गई। इस दौरान उन्होंने रामकथा से जुड़े अन्य प्रसंग भी सुनाए। इस मौके पर नरेंद्र गरल, चंद्रपाल तोष्णीवाल, सत्यपाल वार्ष्णेय, डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय, नवरतन वार्ष्णेय, लोकेश बाबू वार्ष्णेय, नीरज माहेश्वरी, संजीव वार्ष्णेय, दुर्गेश वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।
कथा सुनाते अयोध्यादास महाराज। संवाद