नगर पालिका ने सोमवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। अभियान लावेला चौक से नगर पालिका रोड पर चलाया गया। मगर यह अभियान खोखा, छोटी दुकानों के आगे पड़ी टीन हटाने और टेलीफोन के खंभे उखाड़ने तक ही सीमित रहा। बड़ी दुकानों के आगे नाले पर पड़े स्लैब और चबूतरे छुए तक नहीं गए। इस पक्षपात को लेकर छोटे दुकानदारों में आक्रोश है। अभियान के दौरान दुकानदारों और नगर पालिका कर्मियों के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई।
शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान सोमवार दोपहर करी डेढ़ बजे ईओ निशा मिश्रा के नेतृत्व में लावेला चौक से शुरू हुआ। यहां चौराहे से होर्डिंग्स, बैनर और सड़क किनारे लगे टेलीफोन के खंभों को उखाड़ा गया। जेसीबी से छोटे दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे लगाई लोहे की और नाले के ऊपर बनी सीढ़ियां तोड़ दी गई। मगर लक्ष्मी लॉन के सामने पहुंचने पर अभियान का रुख बदल गया। इस बीच चेयरमैन दीपमाला गोयल भी मौके पर पहुंच चुकी थी। इसके बाद दुकानों के आगे लगी न टीन हटाई गई, न ही नाली व फुटपाथ पर बने स्लैब हटाए गए। छोटे दुकानदारों ने इसका विरोध किया तो उनकी पालिका कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। दुकानदार नन्हें ने नगर पालिका प्रशासन व कर्मचारियों पर आरोप लगाया कि शहर के बड़े-बड़े लोगों ने नाले पर कब्जा कर स्थायी दुकानें बना ली हैं। उन पर तो पालिका प्रशासन का जोर चलता नहीं है। अतिक्रमण हटाने के नाम पर हर बार छोटे दुकानदारों को परेशान किया जाता है।
कुछ देर के लिए पहुंची चेयरमैन
अभियान के दौरान कुछ देर के लिए चेयरमैन दीपमाला गोयल पहुंची और उन्होंने व्यापारियों से कहा कि वे अपनी दुकानों के आगे किसी भी ठेले वाले को खड़ा न होने दें। वह लगभग 10 मिनट तक टीम के साथ में रहीं। उसके बाद में चली गईं। चेयरमैन को एक छोटे दुकानदार ने अपनी व्यथा सुनाई, लेकिन उन्होंने अभियान की बात कहकर टाल दिया।
अभियान के दौरान होते-होते बचा बड़ा हादसा
नगर पालिका की ओर से लावेला चौके पर जब अभियान की शुरुआत हुई। इसी दौरान जेसीबी (बुल्डोजर)से सड़क किनारे लगे खंभों को हटाया जा रहा था। तभी वहां से निकल रहे बाइक सवार की बाइक पर उछल कर खंभा गिर गया। जिससे वह बाइक समेत गिर पड़ा। मौके पर खड़े लोगों ने उसे उठाया। हालांकि उसके चोट नहीं आयी। मौजूद व्यापारियों ने इसका विरोध करते हुए हंगामा कटना शुरू कर दिया। काफी समय बाद में मामला शांत हो सका।
अभियान के नाम पर ध्वस्त की संचार व्यवस्था
नगर पालिका प्रशासन की ओर से सोमवार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान उन्होंने सड़क किनारे खड़े बीएसएनएल के खंभे भी उखाड़ दिए। इससे इलाके की संचार व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई। बीएसएनएल अफसरों का कहना है कि खंभे हटाने के लिए नगर पालिका की ओर से कोई नाटिस नहीं दिया गया था।
नगर पालिका रोड पर दूर संचार विभाग के 11 खंभे खड़े थे। नगर पालिका वाले अभियान के नाम पर सभी 11 खंभे उखाड़कर ले गए। खंभे उखाड़ने के दौरान टेलीफोन के तार टूट गए, जिससे इलाके भर की संचार व्यवस्था ठप हो गई। इसमें एक बीओबी, सिटी पोस्ट ऑफिस, चिकित्सक समेत कई संस्थाओं के ब्रॉडबैंड और बेसिक फोन ठप हो गए। टीडीएम वीपी यादव ने बताया कि पालिका प्रशासन को खंभे हटाने के लिए पहले से लिखित सूचना देना चाहिए थी। मगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई नोटिस नहीं दिया गया। वहीं जोगीपुरा रोड पर किनारे दो पेड़ खड़े हुए थे। उसके हटाने के दौरान भी व्यापारियों को विरोध झेलना पड़ा था।