महाशिवरात्रि के मद्देनजर सोमवार को शिवालय सज गए। प्रमुख्या शिवालयों में कुछ विशेष व्यवस्थाएं की गईं हैं। शिवरात्रि पर्व के दिन मंगलवार को लाखों श्रद्धालु मंदिरों में जाकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर जलाभिषक करेंगे। वहीं शिवालयों से लेकर सड़कों तक कांवड़ियों की धूम रहेगी। शिवालयों में सोमवार देरशाम तक सजावट और अन्य व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गईं। सोमवार को कांवड़ियाें के जत्थे गंगाजल लेने के लिए रवाना हो गए। कई मंदिरों में भजन-कीर्तन शुरू हो गए।
महाशिवरात्रि की तैयारियां मंदिरों में दो-तीन दिन पहले से शुरू हो गई थीं। सोमवार को शिव भक्तों ने प्रसाद स्वरूप चढ़ाने के लिए बेर, बेलपत्र, धतूरा, धूप, चंदन, मिठाई आदि खरीदा। घरों की भी साफ-सफाई की गई। मंगलवार को सुबह से ही मंदिरों की भीड़ जुटने लगेगी, जिसे देखते हुए मंदिर कमेटियों ने अपने स्तर से व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली हैं। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गईं। शहर के प्रमुख शिवमंदिर बिरूआबाड़ी, दरीबा, नगला मंदिर, हरप्रसाद मंदिर, गौरीशंकर मंदिर को खूब सजाया गया है। जहां मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोले को जल, दूध, फल, मिठाई चढ़ाकर इच्छा पूर्ति की कामना करेंगे। इधर, सोमवार शाम से ही कांवड़िए मंदिरों में जमा होने लगे। देर रात तक भजन, कीर्तन होता रहा।
शिवालयों में चढ़ाने को बेर की खरीददारी
सोमवार को शिव भक्तों ने भगवान शिव पर चढ़ाने के लिए बेर, धतूरा, बेलपत्र, प्रसाद आदि खरीदे, जिससे मंगलवार तड़के उठकर पूजा, अर्चना कर सकें।
सुरक्षा व्यवस्था रहेगी चौकस
महाशिवरात्रि के मद्देनजर शहर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए समस्त शिवालयों पर पुलिस के जवान मुस्तैद रहेंगे। प्रमुख मंदिरों पर दरोगा के सिपाहियों को लगाया गया है। सीओ और थाना प्रभारियों को जलाभिषेक के दौरान अपने क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं। कुछ मोबाइल पार्टियां बनाई गई हैं, जो दिन भर शहर में भ्रमण करती रहेंगी। जलाभिषेक के दौरान प्रशासन और पुलिस के अफसर भ्रमण करते रहेंगे।
पूजन का समय
मंगलवार की रात 10 बजे से तिथि चौदस लग जाएगी। इसलिए रात 10 बजे से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करना अति उत्तम रहेगा। गृहस्थ लोग आज सुबह से ही व्रत रह सकेंगे।