दातागंज विधायक को ज्ञापन सौंपकर की बहाली की मांग
समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन जारी है। प्रतीकात्मक शवयात्रा, मुंडन के बाद मंगलवार को सरकार की प्रतिक्रिया पर शिक्षामित्रों ने कड़ा विरोध जताया। उनका कहना है कि भले ही मरना पड़े, लेकिन वे शिक्षक का पद लेकर रहेंगे। शिक्षामित्र के पद पर नौकरी नही करेंगे। सरकार अगर मांगें पूरी नही करती है, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जब तक मांगें पूरी नही हो जातीं, तब तक वे चैन से नही बैठेंगे। मंगलवार को बारिश में शिक्षामित्र आमरण अनशन पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारी शिक्षामित्रों ने दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। समायोजन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से शिक्षामित्रों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चल रहा है। मंगलवार को प्रदेश सरकार की ओर से की गई टिप्पणी से वे और नाराज हो गए। उनका कहना है कि सरकार शिक्षक बनाने का कोई हल निकालें वरना उग्र आंदोलन किया जाएगा। शासन ने उनके और उनके बच्चों के हाथ से रोटी छीनी है। शिक्षामित्रों ने बताया कि उनका साथी अरुण कुमार तोमर आमरण अनशन पर दो दिन से बैठा है और करीब 30 शिक्षामित्रों ने अनशन शुरू कर दिया है। लेकिन प्रशासन का कोई अधिकारी उसकी सुध लेने नही पहुंचा है। उसके साथ अगर कोई घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार जिला प्रशासन होगा। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह के शिक्षामित्रों ने मंगलवार को ज्ञापन सौंप कर मांगों को पूरा कराने की मांग की। विधायक ने उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का भरोसा दिया। इधर, मंगलवार को कई अन्य संगठनों ने भी शिक्षामित्रों का समर्थन किया। इस मौके पर निर्भान सिंह, रवेंद्र सिंह, सतीश चंद्र गुप्ता, राजीव सिंह, बाबू खां, मुनेंद्र सिंह, विनोद राठौर, अनेकपाल, अवनीत कुमार, ओमेंद्र, राम गोपाल, मृदुलेश, जितेंद्र मिश्रा, सीमा भारती आदि मौजूद रहे।