बदायूं। सपा सरकार की डॉ.राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना को मौजूदा सरकार ने खत्म कर दिया है। पांच साल में जिले में योजना के तहत 3677 आवास बने हैं, जबकि 380 लोगों के आवास अधूरे हैं। इनकी दूसरी किश्त मिलनी बाकी है।अधिकारियों का कहना है कि शासन से धनराशि जल्द मिलने की उम्मीद है। पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार ने गरीबों को आवास देने के लिए डॉ.राममनोहर लोहिया आवास योजना चलाई थी। इस योजना की समयावधि 31 मार्च को खत्म हो गई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने इस योजना को खत्म कर दिया है। इस संबंध में प्रदेश के अपर मुख्य सचिव समग्र ग्राम विकास नवतेज सिंह ने डीएम को पत्र भेजा है। योजना बंद होने से उन लोगों की चिंताएं बढ़ गईं हैं जिन्हें अभी पूरी धनराशि नहीं मिली है। विकास विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पांच साल के अंदर जिले में 3677 लोगों के आवास बने हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 में 852 लोगों को इस योजना के तहत चिह्नित किया गया था इनमें 472 लोगों को दूसरी किश्त मिल गई थी। बाकी 380 लोगों को पहली किश्त ही मिल सकी है। पहली किश्त के लिए 11 करोड़ 70 लाख 50 हजार रुपये मिले और दूसरी किश्त में जिले को साढ़े छह करोड़ रुपये मिले थे। योजना बंद होने के बाद उन 380 लाभार्थियों की चिंता बढ़ गई है जिनको दूसरी किश्त नहीं मिली है।
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इंसेट-
किस वर्ष कितने बने आवास 2013-505
2014-309
2015-1539
2016-852
2017-852
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वर्जन-
लोहिया समग्र ग्राम विकास योजना के तहत 472 आवास पूर्ण हो चुके हैं। वहीं 380 लाभार्थियों को दूसरी किस्त मिलनी बाकी है। सरकार से जल्द बजट आने की उम्मीद है। उन्हें प्रथम किश्त मिल चुकी है। इसके लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
-शेषमणि पांडेय, सीडीओ बदायूं