जरीफनगर/ दहगवां। जरीफनगर के गांव मालपुर ततेरा के बाड़े में बंद भेड़ों की मौत दहशत में हार्टअटैक से हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद भेड़ों के शव दफन करा दिए गए। पशु चिकित्सा विभाग का दावा है कि बाड़े में किसी जंगली जानवर ने हमला किया था। चार भेड़ों के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं। बाकी जिन भेड़ों की मौत हुई है वे हार्टअटैक से मरी हैं।
मालपुर ततेरा में गंगा सहाय का जरीफनगर के गांव मालपुर ततेरा में भेड़ों का बाड़ा है। इसमें 120 भेड़ थीं। सोमवार रात कोई जानवर सुरंग बनाकर बाड़े में घुस गया। और भेड़ों पर हमला कर दिया। मंगलवार सुबह 61 भेड़ों के शव बाड़े में मिले। दो के अवशेष खेतों में मिले थे। गांव के लोगों का कहना था कि भेड़िया ने हमला किया है। सूचना पर वन विभाग की टीम, पशु चिकित्सा मौके पर पहुंच गए थे। पड़ताल भी की, लेकिन भेड़िया के हमले की पुष्टि नहीं हुई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जादौन का कहना है कि किसी जंगली जानवर ने ही भेड़ों पर हमला किया था। भेड़ों की मौत दहशत में हार्टअटैक से हुई है। जीवित बचीं भेड़ों को इंजेक्शन दिए गए हैं।
वन विभाग ने दो टीमें लगाई, नहीं मिले भेड़िया के पगचिह्न
-डीएफओ राजेश सिंह का कहना है कि अब तक ऐसा कोई तथ्य सामने न हीं आया है, जिससे मालपुर के जंगल में भेड़िया की मौजूदगी पुष्ट हो सके। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि कई बार जानवर भटक कर यहां आ जाया करते हैं। मालपुर के जंगल में दो टीमों को लगाया गया है। जिस बाड़े में भेड़ों की मौत हुई उसके आस-पास भी भेड़िया के पगचिह्न नहीं मिले हैं। दो टीमें लगातार कांबिंग कर रही हैं। निश्चित की भेड़ों की मौत का कारण कोई और रहा होगा।