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शारदीय नवरात्रिः पहले दिन मंदिरों में गूंजे घंटे-घड़ियाल

सार

नवरात्रि के पहले दिन शहर के मंदिरों में मां के भक्तों की भीड़ रही।शारदीय नवरात्रि के चलते प्राचीन नगला मंदिर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है।संवाद नगला मंदिर के बाहर लगी भक्तों की लाइन।
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नगला मंदिर में माता रानी के दर्शन करते भक्त। संवाद - फोटो : BADAUN
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विस्तार
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बदायूं। नवरात्रि के पहले दिन शहर के मंदिरों में मां के भक्तों की भीड़ रही। घरों में भी देवी भक्तों ने घट स्थापना की। शहर के नगला मंदिर में पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की गई है। शारदीय नवरात्रि के चलते प्राचीन नगला मंदिर में भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। प्राचीन शक्तिपीठ नगला मंदिर का इतिहास करीब 600 साल पुराना है।
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सोमवार से शरदीय नवरात्रि शुरू हो गए हैं। ऐसे में पहले दिन भक्तों ने देवी मंदिरों में पहुंचकर माता रानी के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा-अर्चना की। शहर के नगला मंदिर पर सुबह पांच बजे से भक्तों की कतार लगाना शुरू हो गई, जो दोपहर बाद तक जारी रही। माता के भक्तों ने पूजा कर मनौतियां मांगी। इधर, ओवरब्रिज के नीचे स्थित मातारानी के मंदिर पर भी भक्तों की भीड़ रही। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिरों पर पुलिस तैनात रही।
मान्यता है कि माता शैलपुत्री देवी पार्वती का ही एक रूप हैं, जो नंदी पर सवार, श्वेत वस्त्र धारण करती हैं। मां शैलपुत्री के पूजन में मंत्रों का जाप करने से व्यक्ति के धैर्य और इच्छाशक्ति में वृद्धि होती है। मां शैलपुत्री अपने मस्तक पर अर्द्ध चंद्र धारण करती हैं, इसलिए इनके पूजन और मंत्र जाप से चंद्रमा संबंधित दोष भी समाप्त हो जाते हैं।
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बिल्सी। हनुमानगढ़ी देवी मंदिर समेत अन्य मंदिरों में भक्तों की काफी भीड़ रही। सभी ने मां शैलपुत्री के साथ ही अन्य देवियों का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। अन्य मंदिरों में माता रानी का जलाभिषेक किया और मनौतियां मांगी। उघैती। शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कस्बा स्थित मातारानी के मंदिर पर भक्तों की भीड़ रही, भक्तों ने अपने-अपने घर पर घट स्थापना के बाद मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की।
आचार्य देवेश त्रिवेदी ने बताया कि पार्वती पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं और मां के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा देवी के मंडपों में पहले नवरात्रि के दिन होती है। शैल का अर्थ है हिमालय और पर्वतराज हिमालय के यहां जन्म लेने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा।
मंदिरों में पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना
बिसौली। नगर व क्षेत्र में मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की गई। मनोकामना मंदिर, गंवादेवत मंदिर, हथौड़ा देवी मंदिर आदि पर भक्तों ने माता की आराधना की। सुबह तड़के से ही मंदिरों पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था। माता के जयकारों से मंदिरों का वातावरण भक्तिमय हो गया। संवाद

नगला मंदिर के बाहर लगी भक्तों की लाइन। संवाद- फोटो : BADAUN

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