गंगा का जलस्तर रविवार को मुकाबले सोमवार को पांच सेमी कम हुआ है, लेकिन जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 55 सेमी ऊपर बना हुआ है।शुक्रवार को जलस्तर 162.2, शनिवार को 162.30 मीटर दर्ज किया गया था।उसहैत क्षेत्र के गांव सरेली में सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई है।
बदायूं। गंगा का जलस्तर रविवार को मुकाबले सोमवार को पांच सेमी कम हुआ है, लेकिन जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 55 सेमी ऊपर बना हुआ है। रविवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.60 मीटर दज किया गया था। सोमवार को यह 162.55 मीटर पर पहुंच गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
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सोमवार को गंगा में नरौरा से 81336, बिजनौर से 95852 और हरिद्वार से 89605 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर लगातार खतरे के निशान के ऊपर रहने के कारण तटबंधों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। गंगा-महावा, उसहैत और उसावां तटबंधों पर लगातार संवेदनशील हालात बने हुए हैं। दातागंज और सहसवान के तटवर्ती गांवों में कटान हो रहा है। फिर सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न हो गई है।
शुक्रवार को जलस्तर 162.2, शनिवार को 162.30 मीटर दर्ज किया गया था। उसहैत क्षेत्र के गांव सरेली में सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई है। तटवर्ती गांवों में तेजी से कटान हो रहा है। इधर, मेला ककोड़ा के लिए चिह्ति की गई जमीन भी फिलहाल जलमग्न हो गई है।
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कछला और अटैना में स्नान घाट भी जलमग्न हैं। सहायक अभियंता बाढ़ खंड नेशपाल सिंह ने बताया कि फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान के नीचे आने की उम्मीद नहीं है। कटान वाले स्थानों पर कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं।