देवी तुलसी के विवाह की पहली रस्म निभाने के लिए शाम को कपड़ा विक्रेता राजीव वार्ष्णेय अपने परिजनों के साथ मंदिर पहुंचे तो सर्राफ मनीष गोयल और उनके परिवार के सदस्यों ने मेहमानों का दिल खोल कर स्वागत किया। सगाई की रस्म मंदिर के महंत पप्पू शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार से पूरी कराई। सगाई की सभी रस्मों को ठीक उसी तरह से निभाया गया जैसे अमूमन वर पक्ष के लोगों के साथ होता रहा है। सगाई की अंगूठी से लेकर सालिगराम को नये वस्त्र भी भेंट किए गए। महिलाओं ने लगुन आई हरे-हरे गाकर मेहमानों को भी झूमने के लिए मजबूर कर दिया।
सगाई की रस्म के बाद वर और वधू पक्ष की ओर से जुटे मेहमनों ने लजीज पकवानों का लुत्फ भी उठाया। विदाई की रस्में भी पूरी की गईं। सर्राफ श्री गोयल ने बताया कि सालिगराम की बारात उनके निवास से साहूकारा में मैंमिया मंदिर के लिए रविवार को प्रस्थान करेगी। वर पक्ष की ओर से मैंमिया मंदिर को मैरिज हॉल का रूप दिया गया है। इस मौके पर डॉ. संजीव गुप्ता, संध्या गुप्ता, नीलांशु अग्रवाल, सुरेश चंद्र गोयल, अवनीश गोयल, प्रदीप गोयल, पवनीश गोयल, रिया गोयल, विपिन वार्ष्णेय, पायल वार्ष्णेय, दीपक वार्ष्णेय, आरूषि गोयल, सिद्घांत गोयल, अंकुर गोयल, रिसिका, गरिमा, शशि गोयल, अवधेश गोयल, अमित अग्रवाल और उदय सिंघल आदि मौजूद थे।
कन्यादान में जुटेंगे सैकड़ों महिला-पुरुष
उझानी। देवी तुलसी और भगवान सालिगराम के विवाहोत्सव में शामिल होने वाले मेहमानों की फेहरिस्त में प्रमुख व्यापारियों समेत सभ्रांत नागरिकों के नाम शामिल हैं। वर और वधू पक्ष की ओर से मेहमानों को कार्ड भी वितरित किए गए हैं। तुलसी के कन्यादान के वक्त खासकर महिलाओं द्वारा दान में विशेष उपहार भी भेंट किए जाएंगे।