सीवर लाइन और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत होने पर आश्रित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध निदेशक डाक्टर पिंकी जोवल की ओर से आदेश जारी किया जा चुका है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी एनके पाठक ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय के अनुपालन में यह व्यवस्था की गई है। किसी नियोजक, नियोक्ता, व्यक्ति, ठेकेदार, प्राइवेट एजेंसी और सरकारी संस्था द्वारा संरक्षात्मक व सुरक्षात्मक सावधानियों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इन सावधानियों के बिना सीवर लाइन अथवा सेप्टिक टैंक की सफाई का कार्य कराए जाने पर अधिनियम 2013 की धाराओं के तहत दंडनीय होगा। किसी कर्मचारी की मौत होने पर नियोजक उत्तरदायी होंगे। ऐसे आश्रित परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।