इनकी हो चुकी है मौत
बुखार के कारण ब्लॉक दहगवां के गांव जतकी में रिजवान (25), रेहाना (28), अनाविया (01), खाने अली (30), ब्लॉक वजीरगंज के गांव पेपल में लाल सिंह, गांव कटगांव में कुलदीप (27) ब्लॉक म्याऊं के गांव भंद्रा में अनवरी (80), जैतून (37), मुन्ने (60), रिहाना (36), बिलहरी गांव में यासमीना (45), गुलफंशा (22), नबी खां (55), शाकिब (25), महजबी (30), जुम्मन खां (60), शहनाज बानो (35), रियाज बानो (45), अमीना (25), अर्शी (30), सैदपुर की खुशी (7), सना (8), नूरपुर में तनुष्का, बिसौली के गदगांव में कलावती (60), रामवीर (8), मुन्नीदेवी (40), अनिकेत (8), सुमिता (16), ब्लॉक जगत के मोहम्मद नगर सुलरा में अनस (14), इस्लामनगर के नूरपुर में रोहित (26) आदि की मौत हो चुकी है।
इसके अलावा उझानी के गांव सकरी जंगल निवासी हसीना पत्नी रफी अहमद, दिलवरी पुत्री नूर हसन, बुजुर्ग सुलेमान, छात्र वीरेश पाल पुत्र पन्नालाल, निशां पत्नी सादिक, रुखसाना पत्नी भूरे बख्श तथा अफजाल पुत्र इसरार की बुखार के कारण मौत हो चुकी है। हालांकि इनमें से अधिकतर मौतों को स्वास्थ्य विभाग ने बुखार के कारण होना नहीं माना है।
बांस बरौलिया में फैली गंदगी
बिल्सी तहसील क्षेत्र के गांव बांस बरौलिया में पिछले 15 दिनों से बुखार फैला हुआ है। गांव में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिसकी वजह से गांव में संक्रामक रोगों ने पैर पसार लिए हैं और कई लोगों की मौत हो चुकी है। बुखार के चलते लोगों ने एक दूसरे के घरों पर जाना बंद कर दिया है। गांव में बुखार को लेकर भय फैला हुआ है।
अब तक निकल चुके हैं 1420 मलेरिया पॉजिटिव
जिले में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से रोजाना कैंप लगाए जा रहे हैं, साथ ही मरीजों की ज्यादा से ज्यादा जांच की जा रही। अब तक 196025 लोगाें की स्वास्थ्य विभाग जांच करा चुका है। इनमें से अब तक मलेरिया पीवी के 1355 और मलेरिया पीएफ के 65 पॉजिटिव निकले है। इधर, सैदपुर सीएचसी की टीम ने ग्राम बरीपुरा में 72 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और दवाएं वितरित कीं।
सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि जिले में लगातार कैंप लगाए जा रहे हैं। ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच की जा रही है, जिससे मलेरिया, डेंगू का अगर कोई पीड़ित व्यक्ति है तो वह पकड़ में आ सके और उसका इलाज सही से किया जा सके।