जिले में बुखार का जबरदस्त प्रकोप चल रहा है। तेज बुखार से मरने वालों का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। बीते 24 घंटों के अंदर जिले के सात और लोगों की मौत हो गई है। इनमें वजीरगंज ब्लाक के गांव पनौटा में चार लोगों की मौत हुई है। बीते कुछ दिनों के अंदर जिले में बुखार से दर्जनों लोगों की मौत हो गई है। सो बुखार को लेकर लोगों में दहशत है। वजह है कि बुखार से निपटने के लिए सेहत महकमे के पास कोई ठोस योजना नहीं है। हालांकि सीएमओ डॉ. नेमी चंद्रा ने रविवार को कई गांवों का दौरा कर पीड़ित लोगों का हालचाल जाना। उनका दावा है कि जिले को चार टीमें गठित की गई हैं सो हर प्रभवित क्षेत्र में तुरंत पहुंच रहीं है। सभी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं होने का भी दावा किया जा रहा है।
कुंवरगांव। पास के गांव पनौटा में इस दिनों बुखार ने पूरी तरह पांव पसार लिए हैं। बीते दिन कमलेश (28) पत्नी दुर्गपाल की मौत हो गई। परिवारीजनों ने बताया कि कमलेश को चार दिन से बुखार आ रहा था। सुधार नहीं होने पर परिवारीजन इलाज को बरेली ले गए थे, जहां उसने दम तोड़ दिया। उसके चार मासूम बच्चे हैं। गांव निवासी देवीदास के नवजात बच्चे की भी मौत हो गयी। बीते दिन ही जवाहर (70) की भी बुखार से मौत हो गई। इनके अलावा हरप्रसाद की पुत्री त्रिवेणी (23) उर्फ मनू ने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने बताया कि त्रिवेनी को नगर के निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया था लेकिन सुधार नहीं हुआ। गांव में इस समय लगभग हर घर में एक-एक व्यक्ति बुखार पीड़ित है। राज कुमारी (18) पुत्री तीर्थ राज, मलो देवी(7) पुत्री मोर सिंह , रामस्नेही (40) पत्नी मिश्री लाल , लीला वती (40) पत्नी नन्हें लाल, ओमप्रकाश (30) पुत्र सुंदर लाल, शेरसिंह (26)पुत्र जय देव, पान सिंह (30) पुत्र हुलासी राम, नन्हीं देवी (50)पत्नी भजन लाल, कृष्ण वती (30) पत्नी ओमकार, राज कुमारी (21) पुत्री दयाराम,राजेश्वरी (16)पुत्री जमुना प्रसाद, सोन वती (25)पत्नी रामौतार, नेमवती (60)पत्नी प्रकाश, ममता (16) पुत्री प्रेमराज समेत सैंकड़ों लोग बुखार से ग्रस्त होकर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि मच्छरों के खत्मे को ग्राम प्रधान ने गांव में आज तक कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया है। साथ ही सेहत महकमे भी बीमारी को लेकर गंभीर नहीं है। बीमारी के लगातार बढने से गांव का हर इंसान परेशान है। ज्यादातर लोग निजी डॉक्टरों के यहां अपना इलाज करा रहे हैं। लोगों ने कहा कि कुंवरगांव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों को दवाएं तक नहीं मिल रहीं हैं। इसकी वजह से लोगों को मजबूरन निजी डॉक्टरों के यहां जाना पड़ रहा है। निजी डॉक्टरों के यहां पर भी मरीजों की हर समय भीड़ देखी जा सकती है।
दातागंज। समरेर क्षेत्र के गांव बौरा निवासी मोहन (60) की बुखार की चपेट में आने से मौत हो गई। बीते छह दिनों के अंदर इस गांव में तेज बुखार से कई लोग मर चुके हैं। सो लोगों में दहशत है।
मूसाझाग। ब्लाक समरेर के गांव काला कूढ़ा गांव में सुबह तेज बुखार की गिरफ्त में आने से नरेश (35) की मौत हो गई। वह सप्ताह भर से बीमार था। पड़ोस के गांव मौसमपुर में इलाज करा रहा था जहां आज हालात खराब हुई। परिजन उसे बदायूं ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि नरेश ने दम तोड़ दिया। इस गांव में दो दिन में यह बुखार से मरने वालों की संख्या दो हो गई है। आज तक स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम नहीं पहुंची है, जबकि गांव में दर्जनों लोग बीमार हैं।
गुलड़िया। कस्बे के वार्ड संख्या चार निवासी 28 वर्षीय रमेश चंद्र की मलेरिया बुखार की चपेट में आने से बरेली के रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इसका पता लगने पर चक्रेश कुमार, पूर्व राज्य मंत्री भूपेंद्र सिंह दद्दा, सुनील कुमार, रोहिताश, नेतराम आदि भी पहुंच गए।