मेन मार्केट में दुकानों के सामने खाली फुटपाथ कुछेक दुकानदारों के लिए फायदे का सौदा बन गए हैं। फड़ वालों को दुकानों के सामने यूं कोई बैठने नहीं देता। इसके एवज में दुकानदार ही उनसे मासिक शुल्क वसूल रहे हैं। मामला संज्ञान में आते ही नगर परिषद प्रशासन ने मंगलवार को मुनादी कराके अतिक्रमणकारियों को फुटपाथ से सामान समेट लेने का अल्टीमेटम दे दिया है।
खासकर मेन मार्केट का अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने अचानक ही सक्रियता दिखा कर बाजार में मुनादी कराते वक्त स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी दुकान के आगे कोई भी व्यक्ति फड़ डालकर सामान बेचते मिला, उसका सामान जब्त कर लिया जाएगा। नगर परिषद प्रशासन के संज्ञान में मामला पिछले दिनों आया था। सूत्रों की मानें तो शिकायत करने वालों ने यहां तक कहा कि दुकानों के आगे फुटपाथ को किराये पर उठाने वाले कोई और नहीं बल्कि दुकानदार ही हैं।
अतिक्रमण के मामले में सबसे खराब स्थिति घंटाघर चौराहे, पुरानी अनाज मंडी मोड़ और हलवाई चौक मोड़ के पास की है। कई दुकानदारों ने खुद ही प्रतिष्ठान में कम सड़क पर व्यापारिक सामान सजा रखा है। मेन मार्केट की सड़क का जीर्णोद्धार होने के बाद भी अतिक्रमणकारियों पर कोई खास अंकुश नहीं लग पाया है। अतिक्रमण की वजह से लोगों को बाजार में पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता रहा है।
सड़क पर बिल्डिंग मैटेरियल का कारोबार
उझानी। अतिक्रमण की असलियत के बीच मेन मार्केट में कछला और बदायूं रोड पर गौर करें तो बिल्डिंग मैटेरियल की एक दर्जन से अधिक दुकानें हैं। रेता और बजरी का स्टॉक दुकानों के सामने कर लिया गया है। पालिका प्रशासन को भी सच्चाई का पता है, लेकिन सड़क पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में होने की वजह से वह कार्रवाई नहीं कर पाती।
अिधधिशासी अधिकारी संजय कुमार िततिवारी का कहना है कि बाजार को अस्थायी अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। फुटपाथ को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम दिया गया है। वह नहीं मानें तो पुलिस के सहयोग से कार्रवाई की जाएगी।