शिक्षामित्र अपने सत्यापन की स्थिति जानने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। एक सज्जन पूरे ब्लॉक की सूची मांगने बृहस्पतिवार को दफ्तर आ पहुंचे। संबंधित पटल देख रहे बाबू के अनुपस्थित होने की स्थिति में सहायता करने वाले बाबू से सूची मांगी तो उसने इसे गोपनीय बताते हुए देने से मना कर दिया। इस पर उनकी बाबू से झड़प हो गई। मामले ने तूल पकड़ा तो बात बीएसए तक पहुंच गई। बीएसए के सामने भी दोनों में बहस होती रही। बाद में बीएसए के समझाने पर सूची मांगने वाला चला गया।
बीएसए दफ्तर में शिक्षामित्रों का पटल नीलेश सक्सेना देख रहें हैं। चूंकि समायोजन और इसके बाद सत्यापन का काम ज्यादा है, लिहाजा बाबू अमित भास्कर को सहायता के लिए लगाया हुआ है। बताते हैं कि बृहस्पतिवार को नीलेश दफ्तर में नहीं थे लेकिन अमित भास्कर मौजूद थे। तभी एक व्यक्ति आया। उसने एक ब्लॉक की शिक्षामित्रों की सूची मांगी। अमित के मुताबिक उन्होंने सूची गोपनीय होने की बात कही तो वह व्यक्ति भड़क गया और झगड़ा करने पर उतारू हो गया। बीएसए के सामने मामला पहुंचा तो उन्होंने सूची मांगने वाले को समझाकर मामला रफा-दफा करा दिया।