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एसडीएम ने नहीं दी है अभी बंद पड़े सेंटरों की सूची

Wed, 22 Apr 2015 06:43 PM IST
badaun
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एसडीएम को निर्देश हैं कि वह अपनी-अपनी तहसील में बंद सरकारी खरीद सेंटरों की जानकारी दें। लेकिन अभी तक बंद सेंटरों की जानकारी जिला मुख्यालय नहीं पहुंच सकी है। खरीद एजेंसियां भी अधिकारियों को गुमराह करने में लगी हैं। उन्होंने सभी केंद्र खुले दिखाए हैं।  
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किसान के हालत जैसी अब है, वैसी पहले कभी न थी। यही वजह है कि जिले में मरने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 36 हो गई है। किसी ने फांसी लगाकर जान दी, तो कोई जहर खाकर मरा। बाकी की मौत का कारण हार्टअटैक बना। किसान के खेतों में फसलें बर्बाद हो गईं। तमाम सरकारी क्रय केंद्र खुले ही नहीं हैं। इससे किसान परेशान हैं। जहां एक ओर किसानों के कटे और सिकुड़े 50 प्रतिशत तक गेहूं खरीदने की बात हो रही है, वही क्रय केंद्र तो खुले तक नहीं हैं। कटरी इलाकों में सेंटरों के बुरे हाल हैं। कहीं बाट-तराजू नहीं है तो कहीं-कहीं तो यह हालत हैं कि क्रय केंद्र का बोर्ड या बैनर तक नहीं है। परेशान किसान आढ़तियों के हाथ लुटने को तैयार है। फसलें नष्ट हो जाने से तवाह किसान की इस दुर्दशा पर कोई रहम नहीं खा रहा है। जो केंद्र नहीं चल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इसीलिए प्रभारी अधिकारी खरीद एडीएम वित्त राजेंद्र प्रसाद यादव ने सभी एसडीएम को केंद्रों की स्थिति के बारे में अवगत कराए जाने को कहा है, लेकिन एसडीएम ने बंद पड़े गेहूं खरीद केंद्रों की सूचियां नहीं दी है। इस अव्यवस्था के बीच किसान पिस रहा है।

एसडीएम की रिपोर्ट नहीं आई है। एसडीएम की रिपोर्ट आने पर बंद पड़े गेहूं खरीद केंद्र के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आरपी यादव, एडीएम वित्त/ गेहूं खरीद प्रभारी
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