ओवरलोडिंग में पकड़े जाने वाले डग्गामार वाहन भी पुलिस के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं। इसका नमूना मंगलवार को कछला के धनवीर सिंह को देखने को मिला। धनवीर के मैजिक को एआरटीओ ने ओवरलोडिंग में पकड़ लिया। उसने जुर्माना भी एआरटीओ कार्यालय में पहुंचकर जमा कर दिया, लेकिन वह मैजिक रिलीज कराने के लिए एआरटीओ का आदेश लेकर कोतवाली पहुंचा तो मुंशी ने जेब गर्म करने से पहले कार्रवाई आगे बढ़ाने से इंकार कर दिया।
बरेली-मथुरा हाइवे पर ओवर लोडिंग के आरोप में पकड़े गए मैजिक को छुड़ाने के लिए कछला निवासी धनवीर ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। मैजिक पकड़े जाने के बाद वह चालान की प्रति लेकर दोपहर में एआरटीओ कार्यालय पहुंचा। जुर्माने की धनराशि जमा करने के बाद धनवीर से एआरटीओ ने कहा कि कोतवाली पहुंचकर वह मैजिक को रिलीज करा ले। बकौल धनवीर, कोतवाली पहुंचने पर उसने मुंशी को रिलीजिंग आर्डर की मूलप्रति सौंप दी। मुंशी ने कॉपी तो ले ली, लेकिन मैजिक रिलीज करने के लिए पहले जेब गर्म करने को कहा।
कोतवाली के मुंशी की मनमानी की शिकायत धनवीर ने फोन पर प्रभारी निरीक्षक से भी की। चूंकि प्रभारी निरीक्षक उस वक्त मुख्यालय पर नहीं थे, सो उन्होंने अगले दिन आकर मैजिक रिलीज कराने को कहा। मुंशी को भी प्रभारी निरीक्षक से शिकायत की भनक लग गई, लेकिन उसने डिमांड पूरी होने तक मैजिक वाहन नहीं छोड़ा। धनवीर ने डिमांड पूरी कर दी तो तत्काल उसका मैजिक रिलीज कर दिया गया।
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धनवीर ने कॉल की थी। देहात में होने की वजह से उन्होंने सुबह में कोतवाली आकर मैजिक रिलीज कराने को कह दिया। मुंशी ने मैजिक स्वामी से क्या डिमांड की, यह तो नहीं पता, लेकिन वह सच्चाई का पता लगाएंगे।- गोपीचंद्र यादव, प्रभारी निरीक्षक।