बदायूं। अल्मोड़ा स्थित प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र शीतलाखेत में चल रहे एडवेंचर कैंप एवं नेचर स्टडी कम ट्रेकिंग कैंप में स्काउट-गाइडों ने साहस, अनुशासन और टीम भावना का शानदार परिचय दिया। प्रदेश भर से पहुंचे 127 स्काउट-गाइड घने जंगलों, दुर्गम घाटियों और कठिन पहाड़ी रास्तों से होकर 7550 फीट ऊंची स्याही देवी चोटी तक पहुंचे। यहां स्थित ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के स्याही देवी मंदिर में दर्शन कर प्रतिभागियों ने प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का भी आनंद लिया।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि युवाओं में असीम ऊर्जा और कठिन से कठिन लक्ष्य हासिल करने की क्षमता होती है। उन्होंने प्रकृति को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि जन्मदात्री मां के बाद धरती मां ही हमें अन्न, जल, वायु और आश्रय प्रदान करती है। इसलिए प्रकृति के उपकारों को कभी नहीं भूलना चाहिए।
डीओसी वाराणसी विष्णु विश्वकर्मा ने कहा कि श्रेष्ठ संस्कार और निस्वार्थ सेवा ही व्यक्ति को समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी बनाती है। वहीं प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी त्रिवेंद्र कुमार ने प्रतिभागियों को पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित ट्रेकिंग के गुर सिखाए और प्रकृति के बीच जीवन जीने की कला समझाई।
शिविर के दौरान स्काउट-गाइडों ने उस स्थान का भी भ्रमण किया, जहां 25 मई 1898 को स्वामी विवेकानंद तीन दिन तक ध्यान साधना में लीन रहे थे। शाम को प्रतिभागियों ने गीत, कहानियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। वहीं, रोहित गुप्ता, फरदीन अहमद और जीवन गोला ने एडवेंचर गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। शिविर में एलओसी अमित सैनी, एडवेंचर इंस्ट्रक्टर मोहित कुमार, आनंद मालियान, सुरेश ने विभिन्न साहसिक गतिविधियों का संचालन किया।