बदायूं। जिले में लगातार बढ़ रही गर्मी और धूलभरी हवा अब टीबी मरीजों के लिए परेशानी बनती जा रही हैं। तेज धूप, गर्म हवाओं और उड़ती धूल का असर फेफड़ों पर पड़ रहा है। इससे टीबी मरीजों को सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी और कमजोरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मौसम बदलने के साथ अस्पतालों में टीबी और सांस संबंधी मरीजों की संख्या में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने लगी है। पिछले कई दिनों से जिले में तापमान लगातार 44 से 45 डिग्री के आसपास बना हुआ है। दोपहर के समय चल रही तेज गर्म हवा और धूल के कारण सामान्य लोगों को भी परेशानी हो रही है, लेकिन टीबी मरीजों पर इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है।
जिला टीबी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज सांस फूलने, सीने में जलन और तेज खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी वीनेश कुमार का कहना है कि टीबी मरीजों के फेफड़े पहले से कमजोर होते हैं। ऐसे में धूल और गर्म हवा संक्रमण और परेशानी को बढ़ा सकती है। लगातार धूल के संपर्क में रहने से मरीजों की स्थिति गंभीर भी हो सकती है। डॉक्टर के अनुसार, टीबी मरीजों को इस मौसम में नियमित दवा लेना बेहद जरूरी है। इलाज बीच में छोड़ने से बीमारी दोबारा गंभीर रूप ले सकती है। मरीजों को अधिक पानी पीने, पौष्टिक भोजन लेने और धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।
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डॉक्टरों की सलाह : क्या करें
-बाहर निकलते समय मास्क या कपड़ा जरूर लगाएं।
-दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
-समय पर टीबी की दवा लेते रहें।
-पौष्टिक और हल्का भोजन करें।
-घर में साफ-सफाई और वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
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क्या नहीं करें
-भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा देर न रहें।
-दवा बीच में बंद न करें।
-धूम्रपान और तंबाकू सेवन से बचें।
-खाली पेट लंबे समय तक न रहें।
-तेज गर्मी में अधिक शारीरिक मेहनत न करें।
- -तेज धूप में निकलने से बचें।