शहर के श्रीराम सरस्वती विद्या मंदिर में चल रहे प्रांतीय प्रधानाचार्य सम्मेलन के दूसरे दिन व्यवस्था, अनुशासन एवं शिक्षा में नई तकनीकी की बारीकियों के के बारे में विचार मंथन किया गया।
सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष मुख्य अतिथि ठाकुर दास ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा विद्यालय सामाजिक चेतना के केंद्र हैं। विद्यालय सरस्वती मां का पावन मंदिर है। जिस प्रकार से मंदिरों में स्वच्छता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखा जाता है। उसी प्रकार से विद्यालय की स्वच्छता और पवित्रता के साथ-साथ अनुशासन व चरित्र निर्माण का विकास करने वाली शिक्षा पर भी ध्यान देना अति आवश्यक होता है। बोले, व्यवस्थाओं का मनोवैज्ञानिक प्रभाव व्यक्ति पर निश्चित ही होता है। आत्मबल से व्यक्ति अनुशासित और चरित्रवान बनता है। प्रदेश निरीक्षक शिवपाल सिंह ने कहा वर्तमान समय वैज्ञानिक युग है। शिशुओं के सर्वांगीण विकास के लिए, शारीरिक योग, आसन, आध्यात्मिक, नैतिक शिक्षा के साथ-साथ स्मार्ट क्लासेज इंटरनेट का उपयोग, शिक्षा की नई-नई तकनीकी ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रांत संयोजक पूर्व छात्र परिषद विनोद कुमार शर्मा ने कहा कि बुद्धि मनुष्य के जीवन रथ की सारथी है। शिक्षा में बुद्धि विकास और ज्ञानोपार्जन का प्रमुख स्थान है। साथ ही शरीर को स्वस्थ्य, बलिष्ठ, भावों को सुंदर और चरित्र को निर्मल, परोपकारी तथा धार्मिक बनाने का भी कार्य करती है शिक्षा। प्रात: काल योग की बेला में हरनाम सिंह ने ध्यान, आसन, योग, प्राणायाम का अभ्यास कराया। इस मौके पर सुनील कुमार शर्मा, रामपाल सिंह, श्यामपाल सिंह, छत्रपाल सिंह, कालिका प्रसाद गंगवार, मानसिंह, सुनील सिंह, राजहंसे, गिर्राजशरण उपाध्याय, हरिओम द्विवेदी, रामशरण पांडेय, ओमप्रकाश दीक्षित, शैलेंद्र दुबे, हरिवीर सिंह, राजकुमार सिंह सेंगर आदि मौजूद रहे।
बदायूं। शिवदेवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित प्रधानाचार्यों के अधिवेशन के दूसरे दिन कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। अरूण श्रीवास्तव ने कहा कि गरीब, अभावग्रस्त बच्चों की हर संभव मदद भी करनी चाहिए। वहीं डॉ. रविशरण सिंह ने कहा कि सर्व सामान्य के लिए योग प्रशिक्षण के साथ जूडो कराटे की भी क्लासेज लगाई जाए, ताकि आत्मरक्षा की जा सके। इसके अलावा संस्कार पैदा करने के लिए निरंतर प्रयास भी जारी रखने होंगे। इस मौके पर सुरेश चंद्र सक्सेना, होडिल सिंह, रामनिवास राजपूत, वीरेंद्र झा, बाबू अंबा सहाय, योगेश कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।