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परिषदीय स्कूलों में विद्युतीकरण के नाम पर गोलमाल

Wed, 06 Sep 2017 08:04 PM IST
सुरजन सिंह यादव अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
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प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कांवेेंट स्कूलों से मुकाबले के लिए शासन परिषदीय विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ा रहा है। परिषदीय विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए बदायूं जिले में चार करोड़ से अधिक की धनराशि अवमुक्त की गई। इस धनराशि से सभी स्कूलों में विद्युतीकरण होना था। चौंकाने वाली बात ये है कि अभिलेखों में कई स्कूल ऐेसे दर्शाए जा रहे हैं, जिनमें विद्युतीकरण हुआ ही नहीं है। यह और बात है कि बाकायदा उनका हर माह बिल भुगतान हो रहा है। सबसे मजेदार बात यह है कि जहां यह स्कूल हैं उन गांवों में भी बिजली नहीं है।        
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शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए सरकार अरबों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। हर साल शासन की ओर से करोड़ों का बजट आता है, लेकिन इस पैसे का प्रयोग कहां हुआ इस बात की जानकारी किसी को नहीं है। परिषदीय विद्यालयों में बिजली कनेक्शन तो दिए जा चुके हैं, लेकिन बिजली नहीं पहुंच पा रही है। 
जिले में कुल 2457 परिषदीय विद्यालय हैं। शासन से मिले 43463553 रुपये खर्च कर केवल 1827 स्कूलों में बिजली पहुंचाई गई है। वहीं स्कूलों की दशा देखने पर केवल 50 प्रतिशत यानी करीब एक हजार विद्यालय में बिजली सुविधा का लाभ बच्चों को मिलता दिख रहा है। इस कवायद में रकम कहां और कितनी खर्च हुई, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक विभाग को विद्युतीकरण के लिए 25000 रुपये प्रति स्कूल के हिसाब से शासन की ओर से रकम दी गई है। 2008-09 से लेकर 2012-13 तक 1296 विद्यालयों को 32400000 करोड़ रुपये और 2012-13 से अब तक वायरिंग के लिए प्रति स्कूल 6142 रुपये के हिसाब से 584 स्कूलों को 3586928 रुपये दिए गए हैं। इसी प्रकार कनेक्शन पर 1075 स्कूलों के लिए 7476625 रुपये खर्च किए गए हैं। 
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