बदायूं। दातागंज उप-कोषागार में 5.7 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद अब सभी उपकोषागारों की जांच होगी। शासन ने इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं।
पिछले दिनों शासन ने प्रदेश भर में उप-कोषागारों को बंद कराने का निर्णय लिया। बदायूं में चल रहे उप-कोषागारों में से बिसौली को छोड़ उझानी, सहसवान, बिल्सी, दातागंज को बंद करने के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य कोषाधिकारी हरीश चंद यादव ने उपकोषागार बंद करा दिए। कोषागार बंद होने के बाद वहां से रिकार्ड और स्टांप कोषागार में जमा कराने के लिए खजांची को निर्देशित किया जा रहा था। उसके स्तर से लगातार लापरवाही बरती जाने लगी। संदेह होने पर तहसीलदार ने डीएम को इस स्थिति से अवगत कराया। इस पर डीएम कुमार प्रशांत ने टीम गठित कर जांच कराने के आदेश कर दिए। जिसके बाद में एआइजी स्टांप बरेली, एडीएम एफआर, वरिष्ठ कोषाधिकारी और एसडीएम दातागंज की टीम ने दो दिन तक रिकॉर्ड और स्टांप का मिलान किया। इसमें तमाम वित्तीय अनियमितताएं मिली। उप-कोषागार में पांच करोड़ 70 लाख रुपये के करीब मामला पकड़ में आया। इसमें खजांची हरीश कुमार और लेखाकार राजेश सगर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। उनके खिलाफ गबन की रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। वहीं जिला स्तरीय अधिकारियों ने शासन को इसके बाद में अवगत कराया गया। जिसके बाद में शासन ने सभी उपकोषागारों की जांच कराने के आदेश कर दिए। ऐसे में अब इन तहसीलों के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
दातागंज के उपकोषागार में गबन का मामला सामने आया है। इसके बाद में शासन को अवगत कराया गया। उसके निर्देश के अनुसार सभी उपकोषागार की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
-हरीश चंद यादव, मुख्य कोषाधिकारी
बदायूं/दातागंज। उपकोषागार से 5.7 करोड़ रुपये डकारने वाले रोकड़िया का परिवार भी बरेली से फरार हो गया है। पुलिस ने उसकी तलाश में बरेली के संजय नगर स्थित उसके मकान पर छापा मारा था, लेकिन उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला। घर पर ताला पड़ा हुआ है। दूसरा आरोपी भी अपने परिवार के साथ भाग गया है।
रोकड़िया हरीश बरेली में संजय नगर मोहल्ला निवासी है। वह रोजाना बरेली से कार से उपकोषागार दातागंज आता जाता था। उपकोषागार में तैनाती के दौरान उसने धीरे-धीरे करके पांच करोड़ 70 लाख रुपये हजम कर लिए। इसमें सहायक राजेश का भी हाथ था। डीएम के आदेश पर मंगलवार को दोनों के खिलाफ धारा 420, 409, 477 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर निलंबित कर दिया गया, लेकिन इससे पहले जब मामला प्रकाश में आया था, तभी से दोनों फरार हो चुके हैं। मामले की जांच करने वाले प्रशासनिक अधिकारी सारे अभिलेख अपने कब्जे में ले चुके हैं। इधर, मामला दर्ज होने के बाद दातागंज पुलिस ने रोकड़िया की तलाश में बरेली संजय नगर में छापा मारा लेकिन उसके घर पर ताला लटका मिला। बताते हैं कि रोकड़िया अपने परिवार वालों के साथ कहीं भाग चुका है। चर्चा है कि वह गोवा चला गया है। दूसरे आरोपी राजेश के घर पर भी ताला पड़ा हुआ है। पुलिस दोनों को तलाश कर रही है।
जिला प्रशासन की ओर से दोनों को निलंबित किया जा चुका है। उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज हो चुकी है। अब पुलिस उन्हें तलाश कर रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करके जेल भेज दिया जाएगा।
कुंवर बहादुर सिंह, एसडीएम दातागंज