बदायूं। नगर पालिका दातागंज में लाइटों, वाटर टैंकरों की रंगाई-पुताई, वाहन मरम्मत आदि के नाम पर फर्जी भुगतान करने, विद्युत सामग्री, कैमरा समेत कई अन्य चीजें क्रय करने में वित्तीय अनियमितताएं बरती गईं। शिकायत पर जब तीन सदस्यीय टीम ने जांच की तो शिकायतों के कई बिंदु सही पाए गए। तीन सदस्यीय टीम को कई वित्तीय अनियमितताएं मिलीं। टीम ने इसकी रिपोर्ट बनाकर सीडीओ को सौंपी है। टीम ने रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है कि कई बिंदु ऐसे थे कि जिन पर पालिका प्रशासन द्वारा सहयोग न करते हुए फाइलें तक नहीं दी गईं, जिस वजह से कुछ बिंदु जांच से अछूते रह गए।
नगर निकायों में सरकारी धन का कितना दुरुपयोग और बंदरवाट किया जाता है, ये इसी से पता चल जाता है कि पालिका और पंचायतो में एक के बाद एक घोटाले सामने आते जा रहे है। वित्तीय अनियमितताओं के चलते जहां पिछले दिनों ककराला नगर पालिका चेयरमैन की पावर सीज की जा चुकी है वहीं अलापुर नगर पंचायत में खंभों की खरीद में ज्यादा धनराशि का उपयोग किए जाने पर पंचायत अध्यक्ष को नोटिस जारी किया गया है। अब नया मामला दातांगज नगर पालिका का है। दरअसल, नगर निवासी शिवम पुत्र नंदलाल द्वारा शासन से यह शिकायत की गई थी कि नगर पालिका में पालिकाध्यक्ष द्वारा न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है बल्कि लाखों रुपये का फर्जी तरीके से भुगतान भी निकाल लिया गया है। लाइट, विद्युत सामग्री, कैमरा क्रय करने वाटर टैंकरों की रंगाई पुताई करने आदि के नाम पर भुगतान निकाला गया है। इसके अलावा हैंडपंप रीबोर कराने तथा मरम्मत कराने के नाम पर भी लाखों रुपये का गबन किया गया है। इसके बाद शासन ने जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह को इसकी जांच कराने के निर्देश दिए थे। डीएम ने सीडीओ, वरिष्ठ कोषाधिकारी और डीआरडीए के सहायक अभियंता को शामिल करते हुए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया और जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद जिन 24 बिंदुओं को शामिल करते हुए शिकायत की गई थी, टीम ने उसकी जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान टीम को विद्युत सामग्री खरीद, वाटर टैंकों की रंगाई-पुताई, वाहन मरम्मत समेत कुर्सी, कूड़ेदान आदि कई अन्य चीजों के क्रय करने में अनियमितताएं मिली हैं। सूत्रों का यहां तक कहना है कि इस पर सवा लाख की रिकवरी भी निकाली गई है।
जांच टीम को नहीं दी गईकं कई अहम फाइल
- सूत्रों की मानें तो जांच टीम ने जब नगर पालिका दातागंज की जांच की, तो कई अहम बिंदुओं की फाइलें उन्हें नहीं दी गई, जबकि जांच टीम ने उन्हें कई बार समय दिया। इस वजह से शासन से आए 24 बिदुओं में कई की जांच ही नहीं हो पायी। टीम ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र किया है।
सदस्यों ने भी डीएम को सौंपा शिकायती पत्र
बदायूं। दातागंज नगर पालिकाध्यक्ष आकाश वर्मा के खिलाफ वहां के वार्ड सदस्यों ने भी बुधवार को डीएम से मिलकर उन्हें शिकायती पत्र सौंपा जिसमें उन्होंने पालिकाध्यक्ष और लिपिक पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वार्ड सदस्य संजीव कुमार, गीता देवी, सुरेश, मंजूरानी, रीना सिंह, राम आसरे, सुनीता देवी, कुसुमलता आदि ने शासन स्तर से टीम गठित कर जांच कराए जाने की मांग की है।
दातागंज नगर पालिका परिषद द्वारा जो काम किए गए हैं, उनमें घोटाले होने की शिकायत मिली थी। डीएम ने निर्देश पर इसकी जांच की। पालिका की ओर से किए गए कई कामों में वित्तीय अनियमितताएं मिली हैं। कहीं पर टेंडर तो कहीं कुटेशन में गड़बड़ी मिली है, साथ ही अन्य अनियमितताएं भी हैं। जिन बिंदुओं पर जांच करनी थी, उनमें से कई बिंदुओं पर वहां के स्टाफ ने सहयोग नहीं किया और फाइल नहीं दी गई, जिससे उन बिदुओं पर जांच नहीं हो सकी। जिन पर जांच हो गई है, उनकी रिपोर्ट सीडीओ को दे दी गई है।
-हरीश चंद्र यादव, वरिष्ठ कोषाधिकारी
फाइल अभी मेरे पर पास तक नहीं पहुंची है। जब आएगी, उसे देखकर ही कुछ कह पाना संभव है। अभी इस बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
-निशा अनंत, सीडीओ
मेेरे स्तर से कोई भी घोटाला या अनियमितताएं नहीं बरती गई। मैंने जो भी काम किए हैं, जनहित को ध्यान में रखते हुए किए हैं। रही बात टेंडर व कुटेशन में अनियमितताओं की, तो ये काम ईओ और लिपिक स्तर का होता है। इससे मेरा कोई लेना देना नहीं हैं। अगर जांच में लिपिक स्तर से टीम को कोई दिक्कत हुई, तो इसकी जानकारी नहीं है। मैं जांच टीम को पूरा सहयोग करने को तैयार हूं।
-आकाश वर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष, दातागंज