उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज है। सभी राजनीतिक दल चुनावी तैयारियों में जुटे हैं। भाजपा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में है, वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी भी सत्ता में लौटने का दावा कर रही है। दूसरी ओर, क्षेत्रीय दल भी अपने-अपने सियासी समीकरण साधने में जुटे हैं। आगामी चुनाव में जनता का मूड जानने के लिए अमर उजाला की टीम ने अपने विशेष कार्यक्रम ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत बदायूं जिले की बिसौली विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। टीम ने किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों से 2027 के विधानसभा चुनाव के मुद्दों तथा पिछले पांच वर्षों में हुए बदलावों पर बातचीत की। इस दौरान विभिन्न वर्गों ने अपनी प्राथमिकताएं और समस्याएं खुलकर साझा कीं।
बिसौली में किसानों की क्या मुख्य मांग?
उत्तर प्रदेश के बिसौली विधानसभा क्षेत्र में किसानों में अपने मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। कई किसानों ने बताया कि उन्हें किसान सम्मान निधि तो मिल रही है लेकिन खाद नहीं मिल पा रही। आलू, धान और गेहूं की खेती के लिए खाद ज्यादा सप्लाई होना चाहिए। किसानों ने कहा कि वे ऐसे विधायक को चुनेंगे जो उन्हें खाद के लिए लाइन में न लगने दे। हालांकि, किसानों ने संचालक के दावों का खंडन किया और बताया कि उन्हें दोबारा पंजीकरण के बाद दिक्कत हुई।
बिसौली विधानसभा में महिलाओं ने गिनाए अपने मुद्दे
बिसौली विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं ने महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। सावित्री और चंद्रवटी जैसी कुछ महिलाओं ने मजदूरी करने और सरकार से मकान के पैसे व पेंशन मिलने की बात कही। अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर करने की बात कही। कई महिलाओं ने केवल आश्वासन देकर चले जाते हैं। महिलाओं ने कहा कि वे इस बार ऐसे विधायक को चुनेंगी जो उनकी समस्याओं का समाधान करे और उनके लिए काम करे।
बिसौली में जनता कर रही बाइपास की मांग, अन्य मुद्दे भी उठाए
उजाला के चुनावी कार्यक्रम 'सत्ता का संग्राम' के तहत बिसौली विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया। स्थानीय लोगों से बात कर उनके चुनावी मुद्दों को जानने का प्रयास किया। नागरिकों ने विकास, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी कई समस्याओं पर बातचीत की। समाज सेविका कृष्णा गुप्ता ने बिसौली में बाईपास की आवश्यकता बताई। सलीम खान ने गांव में सड़कों और गलियों के विकास को सराहा। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को भी बेहतर बताया। नसरत खान ने युवाओं के लिए रोजगार, पेपर लीक रोकने और शिक्षा पर ध्यान देने की मांग की। मोहम्मद शादमान ने शिक्षा व्यवस्था और बिजली आपूर्ति में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। लक्ष्मीपुर गांव के प्रेमराज ने कहा कि यहां पर इंटरमीडिएट महाविद्यालय होना चाहिए।
बिसौली में क्या है किसानों की समस्या का हाल
बिसौली में किसानों और ग्रामीणों से बात कर उनकी समस्याओं और चुनावी मुद्दों को समझा। जगपाल ने यूरिया, डीएपी और आलू के कम दामों से परेशानी बताई। गिरिराज सिंह ने आलू की समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि मक्का की पैदावार भी कम हुई है। तारकचंद ने कहा कि किसान अपने माल का मूल्य तय नहीं कर पाते। मक्का उधार बिक रही है और भुगतान में 10 दिन तक लगते हैं। किसानों ने मांग की कि खाद सस्ती हो, आलू महंगा बिके और डीएपी उचित मूल्य पर मिले। वे ऐसे विधायक को चुनना चाहते हैं जो उनकी समस्याओं का समाधान करे।
युवाओं ने गिनाए शिक्षा-रोजगार के वादे कितने हुए अब तक पूरे?
बिसौली विधानसभा क्षेत्र में लोगों ने रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़कों जैसी कई समस्याओं को उजागर किया। युवा सौरभ यादव ने रोजगार और शिक्षा को मुख्य मुद्दा बताया। सुमेश प्रताप ने युवाओं के लिए रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य की मांग की। अधिवक्ता वीएस प्रजापति ने जाम, कॉलेज की कमी और हाईवे के लाभ से वंचित रहने को स्थानीय मुद्दे बताया। मोहम्मद अनीस फारूकी ने लड़कियों के लिए डिग्री कॉलेज और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की कमी बताई। सुमेश प्रताप ने आगामी चुनाव में स्थानीय मुद्दों पर ध्यान देने की बात कही।