सुबह कोहरा और दोपहर बाद बारिश शुरू हो जाने से ठंड फिर बढ़ गई। मौसम के अचानक बिगड़े मिजाज को देखते हुए लोग ठंड से बचने के लिए तमाम जतन करते रहे। बारिश के कारण पारा लुड़ककर नौ डिग्री सेल्सियस पर रह गया। बस स्टैंड के पास स्थिति बेहद खराब रही। यात्रियों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को खुशगवार मौसम होने के बाद बुधवार को मौसम ने एकदम करवट बदली। सुबह शुरूआत हल्की ठंड से हुई लेकिन सात बजते ही कोहरे की चादर फैल गई। वाहनों को बिना हेडलाइट जलाए आवागमन मुश्किल हो गया। यात्रियों की संख्या कम रही। शहर की सड़कों पर वाहनों को बहुत धीमे चलना पड़ा। दोपहर में कोहरा छटा तो बादल छा गए।
शाम को रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस प्रकार जिले में एक ही दिन में मौसम के कई रूप देखने को मिल गए। मकर संक्रांति मौसम में परिवर्तन का संकेत देने आती है। लोगों को उम्मीद रहती है कि इस दिन से ठंड कम हो जाती है। धीरे-धीरे दिन बढ़ने लगता हैं। लेकिन मौसम के तेबर देखकर लोग हतप्रभ थे। मकरसंक्रांति का पर्व लोगों ने भीगते हुए मनाया। खराब मौसम के कारण लोग घरों से कम ही निकले। सरकारी कार्यालयों और बाजारों में भी लोग कम आए।
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बारिश में नहीं जले अलाव
गरीब लोग अधिक सर्दी होने पर अलाव का सहारा ले लेते हैं लेकिन बारिश में वे अलाव भी नहीं जला सके। गीली लकड़ियां और कचरा नहीं जल सका। गरीबों को ठिठुरकर ही रहना पड़ा।