कछला में खनन पर रोक लगने के बाद भी बालू लदे ट्रक और ट्रॉला यहां पहुंच रहे हैं। इसकी पुष्टि सोमवार को बालू भरा ट्रॉला पकड़े जाने पर हुई। पुलिस के पकड़ने पर ट्रॉला चालक ने जो कागज दिखाए उन पर मथुरा जिले में खनन करने की अनुमति थी। पुलिस ने कागज फर्जी मानकर ट्रॉला सीज कर दिया।
बालू लदा यह ट्रॉला कोतवाली पुलिस को मंडी समिति के पास मिला। दरोगा नरेंद्र सिंह ने चालक से बालू खनन के कागज देखे तो उन्हें कागज फर्जी होने का शक हुआ। ट्रॉला राजस्थान का है। चालक ने पुलिस को बताया कि बालू उसने मथुरा में लोड किया था। बालू सुबह सात बजे तक बदायूं में अनलोड होना था लेकिन ट्रॉला खराब होने की वजह से वह लेट हो गया। खनन की रसीद पर ट्रॉला अनलोड करने का समय सुबह सात बजे पड़ा था। कोतवाली प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि कछला में खनन बंद है। पिछले दिनों एआरटीओ अमिताभ राय ने बालू लदे डंपर को ओवरलोडिंग में पकड़ा था। इसी बीच पुलिस भी हुसैनपुर के आसपास से अब तो दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ चुकी है। बता दें कि धंधेबाज कछला के आसपास इलाके से भी चोरी छिपे ट्रॉलियों में बालू लोड कर निकल जाते हैं।
प्रत्येक दिन निकलते हैं चार-छह ट्रॉला
उझानी। बालू लदे ट्रक और ट्रॉला की आवाजाही को लेकर बाईपास के नजदीक रहने वाले लोगों की मानें तो रोजाना ही चार-छह भारी वाहन बालू लेकर गुजरते नजर आते हैं। ऐसा भी नहीं कि पुलिस कर्मियों को इसकी भनक नहीं लगती हो, रोके जाने पर वह पुलिस कर्मियों को मथुरा से जारी खनन की रसीदें दिखाकर क्लीनचिट हासिल कर लेते हैं।