बदायूं। कुंवरगांव में मंगलवार देर रात शराब के सेल्समैन की गोली मार कर हत्या कर दी गई। इस मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने आहूजा ग्रुप के एमडी सहित चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि सुपारी देकर सेल्समैन की हत्या कराई गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही है, लेकिन आरोपी फरार हैं।
रंजौरा निवासी रामवीर ने बताया है कि उनका बड़ा भाई मुकेश यादव दुगरइया देसी शराब की दुकान पर सेल्समैन थे। मंगलवार की रात करीब 10 बजे बाइक सवार दो लोग शराब की दुकान में आए। पहुंचते ही दोनों ने मुकेश पर फायर झोंक दिया। उसमें एक फायर मिस हो गया, जबकि दूसरा मुकेश के सिर में लग गया। इसके बाद बदमाश भाग गए। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मुकेश को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। आरोप है कि उसकी हत्या आहूजा ग्रुप के एमडी पंकज खुराना, ज्योति बाबू व दो अज्ञात लोगों ने सुपारी देकर कराई है।
सीसीटीवी कैमरे नहीं, एसपी देहात को मिला आठ हजार कैश
घटना की सूचना पर देर रात पहुंचे एसपी देहात केके सरोज ने ठेका संचालक मुन्नी देवी के सामने पूरा कैश गिना। वहां पर आठ हजार रुपये मिले। यह ठेका चार लोग मिलकर चला रहे थे। इसके अलावा ठेके में सीसीटीवी भी नहीं लगा था। इससे पुलिस को आरोपियों को ट्रेस करने में परेशानी हो रही है। पुलिस को जांच में पता चला कि मुकेश बिनावर और कुंवरगांव सहित कई ठेकों में सेल्समैन रह चुका है।
डीआईजी ने घटनास्थल का लिया जायजा
घटनास्थल दुगरइया के सेल्समैन मुकेश यादव की हत्या के बाद बुधवार को डीआईजी अजय साहनी, एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसपी सिटी अमित किशोर, एसपी देहात केके सरोज ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौजूद लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की। थाना प्रभारी को घटना का शीघ्र खुलासा व आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
सुनसान इलाके में मिला खुला था ठेका
कुंवरगांव-बदायूं रोड पर रात आठ बजे के बाद अंधेरा छा जाता है। उधर से बड़े वाहन ही ज्यादा निकलते हैं। घटना के बाद इसी रोड से बदमाश बदायूं की तरफ भाग निकले थे।
हंगामे की आशंका के चलते अंतिम संस्कार तक पुलिस तैनात
मुकेश की हत्या के बाद परिजनों का रुख देखकर लगा कि हंगामा कर सकते हैं। इसके चलते पोस्टमॉर्टम के बाद भारी पुलिस बल के साथ शव उनके गांव रंजौरा पहुंचा। अंतिम संस्कार करने के दौरान सीओ सिटी मौजूद रहें। वहीं, तनाव को देखते हुए गांव में बिनावर, दातागंज, कुंवरगांव और सिविल लाइन थाना की पुलिस तैनात रही।
315 बोर के तमंचे से चला था कारतूस
बदमाशों द्वारा किए गए दो फायर के कारतूस को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस को जांच में पता चला कि 315 बोर के तमंचे से फायर किया गया है। एक कारतूस मुकेश सिर में फंसा था। पोस्टमॉर्टम में उसे निकाला गया। जबकि दूसरा कारतूस मौके पर मिला। अभी कारतूस पुलिस के पास है। बृहस्पतिवार को फॉरेंसिक टीम को दिया जाएगा।
क्राइम ब्रांच और स्वाॅट सहित चार टीमों को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है। संभावित स्थानों पर दबिश भी दी जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी होगी। - डाॅ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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आहूजा ग्रुप को नहीं मिल सकी थी दुगरइया की दुकान
मुकेश के परिजन हत्या की वजह सिर्फ दुकान का विवाद ही बता रहे हैं। मुकेश की अन्य किसी से कोई रंजिश नहीं थी। आहूजा ग्रुप वाले मुकेश को अपनी दुकान पर काम करने का दबाव बना रहे थे, लेकिन वह दुगरइया की दुकान पर ही काम करना चाह रहा था। इसी वजह से उसकी हत्या कराने की बात कहकर परिजनों ग्रुप के एमडी को नामजद किया गया है। दुगरइया में देशी शराब की दुकान पहले आहूजा ग्रुप के पास रहती थी। इस बार दुकान मुन्नी देवी के नाम लॉटरी में निकल आई। ग्रुप में मुकेश सबसे पुराना सेल्समैन था। जब दुकान गई तो मुकेश भी ग्रुप से हट गया और दुगरइया की दुकान पर सेल्समैन का काम करने लगा। रामवीर ने बताया कि भाई पर आहूजा ग्रुप के लोग कुंवरगांव की दुकान पर काम करने का दबाव बना रहे थे। बात न मानने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।
देसी शराब ठेके पर लग चुका है जुर्माना
अप्रैल की शुरुआत में दुगरइया की की दुकान खेत में चल रही थी। कुछ दिनों बाद संचालक ने पक्की दुकान बनाकर ठेका शिफ्ट कर दिया, लेकिन सीसीटीवी नहीं लगाया। जिला आबकारी अधिकारी संजीव कुमार ने बताया दुगरइया के संचालक पर सीसीटीवी न लगाने का जुर्माना लगाया था। बताया कि कई दुकानों में अभी सीसीटीवी नहीं लगा है। बताया कि बिजली के कनेक्शन मिलने देरी हो रही है। इस वजह से दिक्कत है। इस बार किसी ग्रुप को ठेका नहीं दिया गया है। नई आबकारी नीति के तहत अधिकतम एक व्यक्ति को दो ठेके ही मिल सकते हैं।
दिगुरईया गांव में घटना स्थल का निरीक्षण करते डीआईजी अजय साहनी व मौजूद अन्य पुलिस अधिकारी। संवा
दिगुरईया गांव में घटना स्थल का निरीक्षण करते डीआईजी अजय साहनी व मौजूद अन्य पुलिस अधिकारी। संवा