बदायूं। आयुष्मान कार्ड बनाने की सुस्त गति पर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक के दौरान सीएमओ ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जिन ब्लॉकों में प्रगति बेहद धीमी है, वहां जिम्मेदार कर्मियों का वेतन रोका जाए। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना सरकार की प्राथमिकता में है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने बताया कि समरेर, उसावां, सहसवान, जगत और दातागंज ब्लॉकों की स्थिति सबसे अधिक खराब है। इन क्षेत्रों में न तो लक्ष्य के अनुरूप कार्य गति दिखाई दे रही है और न ही टीमों की ओर से आवश्यक फॉलोअप किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार निर्देश दिए जाने के बाद भी सुधार न होना गंभीर लापरवाही है।
समीक्षा बैठक में सीएमओ ने कहा कि जो कर्मचारी और प्रभारी समय पर लक्ष्य पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है। आवश्यकता पड़ी तो वेतन भी रोका जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक ब्लॉक अपनी दैनिक प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराए, और जहां भी तकनीकी या फील्ड संबंधी समस्या हो, उसे तत्काल निराकरण के लिए भेजा जाए।
सीएमओ ने यह भी कहा कि आयुष्मान कार्ड न बनने से पात्र लाभार्थी उपचार सुविधा से वंचित रह जाते हैं, जो बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। इसलिए सभी ब्लॉकों को हर हाल में तय समय सीमा के भीतर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना होगा। उन्होंने टीमों को निर्देशित किया कि घर-घर सर्वे, दस्तावेज सत्यापन और कार्ड वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
उघैती नवीन पीएचसी पर अब हो सकेगा प्रसव
बदायूं। जिले में स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव सेवा शुरू करने के लिए सीएमओ की ओर से निर्देश दिए गए हैं। निर्देश मिलने के बाद में बृहस्पतिवार को ब्लाॅक सहसवान के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उघैती पर प्रसव सेवा को शुरू किया गया। इसका शुभारंभ फीता काटकर चिकित्सा अधीक्षक सहसवान डॉ. प्रशांत त्यागी ने किया। उन्होंने कहा कि अब क्षेत्र की महिलाओं को प्रसव कराने के लिए इधर-उधर की दौड़ नहीं लगानी होगी। इस दौरान चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद आकिल, सैय्यद अशफाक अली, गुलशन, कृष्ण वल्लभ चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। संवाद