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Budaun News: रामगंगा से घिरा सकतपुर गांव, 13 घरों तक पहुंचा पानी

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रैपुरा गांव में गंगा से हो रहे कटान को रोकने का प्रयास करते ग्रामीण और बाढ़ खंड के अ​धिकारी। सं - फोटो : आर्य नगर ​स्थित मृतक गौरव वर्मा के आवास से दूर खड़े शुभचिंतक। संवाद
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दातागंज। कालागढ़ बांध से 60 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के बाद रामगंगा का जलस्तर 24 घंटे से लगातार बढ़ रहा है। सकतपुर गांव के 13 घरों तक पानी पहुंच गया है। कटकोरा गांव भी पानी से चारों तरफ से घिर गया है। दोनों गांव के लोगों का आवागमन नाव से ही हो रहा है। लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। उधर, सिमरिया गांव और नदी के पानी में एक मीटर की फासला रह गया है। तीन गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों की नींद गायब है। बच्चों की पढ़ाई भी चौपट है।
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सकतपुर गांव की महिलाएं और बच्चे घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। ग्राम पंचायत सिमरिया सकतपुर की पूर्व प्रशासक नन्ही देवी ने बताया कि बृहस्पतिवार की रात में सकतपुर गांव के एक मोहल्ले में बाढ़ का पानी घुस आया। गांव में संतराम, ऋषिपाल, गिरीश पाल, नेतराम, राम प्रकाश, राम बहादुर, राम बरन, मान सिंह, मुन्ना लाल, देशराज, रमनपाल, जंगपाल, शिव सिंह के मकानों के दरवाजे तक पानी पहुंच गया है। ऐसे ही पानी बढ़ता रहा तो इन 13 घरों के अंदर तक पानी पहुंच जाएगा।
पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि घरों के आगे पानी भरने से दुश्वारियां शुरू हो गई हैं। बच्चे खेल नहीं पा रहे हैं। घरों में कैद होकर रह गए हैं। रामगंगा का जलस्तर और बढ़ा तो घरों में पानी घुस सकता है। वहीं, कटकोरा गांव में बाढ़ के पानी से सड़क भी कट गई है। खेत डूब जाने से पशुओं के लिए चारे का संकट भी गहराता जा रहा है।
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सकतपुर के दूध व्यवसायियों पर भी संकट
सकतपुर गांव में खेती के अलावा दूध का व्यवसाय होता है। पहले दूध के कारोबारी पिपला तक नाव से दूध ले जाते थे, अब पानी बढ़ने के कारण ग्रामीण दो-ढाई किमी पैदल चलकर फिर नाव से करीब तीन किमी भाऊनगला जाते हैं। इससे उन्हें समय भी काफी लग रहा है। व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।

रास्ता बंद खेतों और पगडंडियों से होकर निकल रहे ग्रामीण
नगरिया खनू के मजरा कटकोरा का आवागमन मार्ग पानी के कारण बंद हो गया है। खेतों और पगडंडियों से होकर ग्रामीण आवाजाही कर रहे हैं। गांव के भूरे कश्यप का कहना है कि रास्ता बंद होने के बाद डेढ़ किमी दूर भेड़ा गांव से नाव पकड़कर पानी से बाहर निकल पा रहे हैं।

नगरिया खनू गढ़िया रंगीन मार्ग पर आवाजाही बंद, सिर्फ नाव ही सहारा
नगरिया खनू-गड़िया रंगीन मार्ग पर भेड़ा गांव में चार फुट पानी बह रहा है। यहां रास्ते पर नाव चल रही है। हर्रामपुर मार्ग पर भी नाव चल रही हैं। पानी बढ़ने से इलाके के लोगों में खलबली है। दातागंज तहसील के 12 गांव रामगंगा के पार हैं, करीब इतने ही गांव शाहजहांपुर जिला के आसपास हैं। इन गांवों में रास्ते से आवागमन बंद है, केवल नाव ही सहारा है।


हर्रामपुर और मौसमपुर में पहुंचे सहायता पैकेट
बाढ़ से प्रभावित गांव हर्रामपुर और मौसमपुर में क्षेत्रीय विधायक राजीव कुमार सिंह और एसडीएम विनोद कुमार सिंह पहुंचे। यहां ग्रामीणों को जरूरी सामान के 640 पैकेट वितरित किए गए।


पानी बढ़ रहा है, इसलिए सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। ग्रामीणों से भी सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन हालातों पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। -विनोद कुमार सिंह, एसडीएम, दातागंज





कदमनगला में तबाही करने के बाद रैपुरा गांव में घुसने लगा गंगा का पानी
- रफ्तार नहीं थमी तो चौबीस घंटे में गंगा में समा जाएंगे कई कच्चे-पक्के मकान
संवाद न्यूज एजेंसी
उसहैत। कदमनगला में भारी तबाही करने के बाद अब गंगा का पानी रैपुरा गांव में घुसना शुरू हो गया है। यही हालात रहे तो चौबीस घंटे में कई कच्चे-पक्के मकान गंगा में समा सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ खंड के अफसरों को पानी बढ़ने से पहले जो कार्य करने चाहिए थे, वह अब कर रहे हैं।
गंगा खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। शुक्रवार को कछला गंगा पुल के नीचे 162.58 गेज मीटर जलस्तर मापा गया। जलस्तर बढ़ने से संपर्क मार्गों पर पानी पहुंच गया है। कदमनगला गांव का अस्तित्व लगभग समाप्त होने को है। अधिकांश लोग गांव छोड़कर जा चुके हैं। कुछ बचे लोग सड़क किनारे टेंट लगाकर रह रहे हैं।
अब गंगा ने रैपुरा गांव की तरफ दिक्कत पैदा कर दी है। कटान तेज हो गया है। इस गांव 120 कच्चे-पक्के मकान हैं। 450 महिला, पुरुष और बच्चे हैं, जबकि 600 जानवर हैं।
डीएम के निर्देश पर बाढ़ खंड के अधिकारी इस गांव को गंगा के कहर से बचाने का प्रयास अब कर रहे हैं। वहीं, गांव जटा, प्रेमीनगला को जाने वाले मार्ग पर अब दो फुट तक पानी पहुंच गया है। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलें आ रही हैं।

रैपुरा गांव में गंगा से हो रहे कटान को रोकने का प्रयास करते ग्रामीण और बाढ़ खंड के अधिकारी। सं- फोटो : आर्य नगर स्थित मृतक गौरव वर्मा के आवास से दूर खड़े शुभचिंतक। संवाद

रैपुरा गांव में गंगा से हो रहे कटान को रोकने का प्रयास करते ग्रामीण और बाढ़ खंड के अधिकारी। सं- फोटो : आर्य नगर स्थित मृतक गौरव वर्मा के आवास से दूर खड़े शुभचिंतक। संवाद

रैपुरा गांव में गंगा से हो रहे कटान को रोकने का प्रयास करते ग्रामीण और बाढ़ खंड के अधिकारी। सं- फोटो : आर्य नगर स्थित मृतक गौरव वर्मा के आवास से दूर खड़े शुभचिंतक। संवाद

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