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दर्जा राज्यमंत्री ने अग्निकांड पीडितों के लिए बांटे चेक

Wed, 03 Jun 2015 10:40 PM IST
कादरचौक
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क्षेत्र ग्राम गनियाई में सोमवार को लगी भयंकर आग ने पूरे गांव को तबाह कर दिया था। इसमें 151 परिवारों को नुकसान पहुंचा था। बुधवार को दर्जा राज्यमंत्री बनवारी सिंह यादव जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी के साथ यहां पहुंचे। पीडित परिवारों को चेक वितरित किए। डीएम ने उनको आवास दिलाने का भी आश्वासन दिया। राज्यमंत्री सहित अधिकारियों ने गांव भ्रमण कर पीडित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। बोले, हम सुख-दुख में जनता के साथ हैं।
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जिलाधिकारी ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 20 किलो चावल देने के लिए खाद्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। कोटेदार सुनील शर्मा को प्रत्येक शादी वाले परिवार को एक कट्टा चावल देने को कहा। अधिकारियों ने सभी पीड़ितों को चेक बांटे। तहसीलदार राजमणि मिश्रा ने बताया कि इसमें 2200 से लेकर अधिकतम 7900 रुपये के चेक वितरित किए गए। इस मौके पर राजेश्वर सिंह पूर्व प्रधान, रामबेटी यादव प्रधान, सीओ सतीश चंद्र, ज्वाला प्रसाद कश्यप, वीरेंद्र कश्यप, विवेक यादव, सत्यवीर सिंह यादव, सुनील शर्मा, विजय यादव, अमित कश्यप, रामखिलाड़ी आदि मौजूद रहे।
अनाथ बहनों की मदद को बढ़े हाथ
गांव में वाल्मीकि परिवार की सगी बहन प्रीती और आरती के माता-पिता का बचपन में साया उठ गया। ताऊ ने उनका पालन-पोषण किया। दोनों की ही एक ही मंडप के नीचे शादी होनी है। पांच जून को बारात आएगी। इससे पूर्व ही आग ने सब नष्ट कर दिया था। दोनों ही बहनों को चेक के साथ ही डीएम ने दस-दस  हजार नकद, राज्यमंत्री ने दस-दस हजार, ओमप्रकाश कश्यप, चट्टन, उमेश कश्यप मुक्कन ने 11-11 सौ रुपये की नकद धनराशि दी। मदद होते देख हल्दी लगी दोनों बहनों के चेहरे कुछ मुस्कराहट आई। मानसिंह की पुत्री सुलेखा की भी चौदह जून को शादी है। अनार सिंह यादव की बेेटी की चार जून को शादी है। इन परिवारों को भी धनराशि दी गई। प्रत्येक शादी वाले परिवार को कश्यप निषाद सभा की ओर से उपाध्यक्ष उमेश चंद्र कश्यप ने सामान भेंट किया गया।   
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झुलसे परिवार की नहीं ली सुध
अग्निकांड मे सबसे ज्यादा कहर दयाराम के परिवार पर बरपा जिसमें उसके दो बेटों की मौत हो चुकी है। उसकी पत्नी और बच्चे जिंदगी और मौत से जूझ रही है। बस दो मासूम बच्चे जो बकरी चराने गए थे अरुण 8 साल और विक्की 6 साल बच गए हैं। इस परिवार को न तो कोई नकद सहायता राशि मिली और नही चेक मिला। दयाराम के भाई को 15 सौ का चेक दिया गया तो उसने लेने से इंकार कर दिया।
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