पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप
बसपा हाईकमान ने पूर्व विधायक योगेंद्र सागर को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप है। देर शाम हाईकमान का फरमान आने के बाद बसपा जिलाध्यक्ष डॉ. क्रांति कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बारे में बताया।
बिल्सी से पूर्व विधायक योगेंद्र सागर अपहरण और दुष्कर्म के मामले में आरोपी हैं। इस मामले में तेजेंद्र सागर और मीनू शर्मा को उम्र कैद की सजा हो चुकी है। देर सबेर योगेंद्र सागर पर भी कोर्ट का फैसला आ सकता है। सजा होने के डर से योगेंद्र सागर ने 2012 का चुनाव बिसौली सुरक्षित सीट से अपनी पत्नी को लड़ाया था। 2017 के चुनाव में वह अपने बेटे के लिए टिकट मांग रहे थे। बसपा ने बिसौली सीट से मेजर कैलाश के नाम की घोषणा कर दी। पार्टी नेतृत्व का आरोप है कि टिकट कटने के बाद योगेंद्र सागर पार्टी विरोधी गतिवधियों में लिप्त हो गए थे। इसके चलते पार्टी ने उनको निष्कासित कर दिया है।