बदायूं। टीईटी को लेकर यातायात विभाग की ओर से भले ही रूट डायवर्जन लागू किया गया, लेकिन शहर में जाम की समस्या जस की तस बनी रही। शुक्रवार को परीक्षा छूटने के बाद दोपहर में हालात और बिगड़ गए। कलक्ट्रेट से लेकर नेकपुर अंडरपास और पुलिस लाइन चौराहा तक लंबा जाम लग गया। चिपचिपी गर्मी में जाम में फंसे लोग बेहाल नजर आए।
परीक्षार्थियों के साथ-साथ रोजमर्रा के काम से निकले लोग भी जाम में फंसे रहे। दोपहिया और चार पहिया वाहन रेंग-रेंगकर चलते दिखे। कई जगह एंबुलेंस और स्कूली वैन भी फंसीं। लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बावजूद जाम खुलवाने के इंतजाम नाकाफी थे। परीक्षा केंद्रों से एक साथ अभ्यर्थियों के निकलने से अचानक दबाव बढ़ गया।
नेकपुर अंडरपास से कलक्ट्रेट तक गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। गर्मी और उमस के कारण जाम में फंसे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान दिखे। कई राहगीरों ने जाम की वजह से जरूरी काम छूटने की शिकायत की और व्यवस्था को कोसते हुए दिखे। लगातार दूसरे दिन जाम लगने से शहरवासियों में नाराजगी है।
लोगों ने मांग की है कि परीक्षा के दौरान ट्रैफिक प्लान को और मजबूत किया जाए। वैकल्पिक रूटों पर भी पुलिस तैनात हो ताकि जाम की स्थिति न बने। इधर, सीओ यातायात सुनील अहलावत ने बताया कि परीक्षा की वजह से थोड़ा बहुत जाम लगा था। कुछ देर बाद ही स्थिति सामान्य हो गई थी।
परीक्षा खत्म होते ही घर लौटने की मची होड़
बदायूं। टीईटी खत्म होते ही अभ्यर्थी घर लौटने की जल्दी में दिखे। परीक्षा छूटने के बाद स्टेशन और बस अड्डे पर अचानक भीड़ बढ़ गई। ट्रेन आते ही सीट पकड़ने के लिए धक्का-मुक्की हुई। कासगंज और बरेली जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा भीड़ रही। बस अड्डे पर परीक्षार्थियों का जमावड़ा लगा रहा।
हालांकि, परिवहन निगम की रोडवेज बसों ने बड़ी राहत दी। अभ्यर्थियों के पहुंचते ही पहले से तैयार बसों को संख्या के हिसाब से उनके रूटों पर रवाना किया गया। कुछ अन्य रूट के अभ्यर्थी जरूर बस का इंतजार करते दिखे।
एआरएम राजेश पाठक ने बताया कि अभ्यर्थियों के पहुंचते ही उन्हें उनके रूट की बसों से भेजा। किसी भी परीक्षार्थी को समस्या नहीं होने दी गई। सभी चालकों-परिचालकों को पहले ही निर्देश दे दिए गए थे, जिससे भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। संवाद
कलेक्ट्रेट से नेकपुर रोड पर लगा जाम। संवाद
कलेक्ट्रेट से नेकपुर रोड पर लगा जाम। संवाद