निजी रोडवेज कर्मी और पुलिस की रोडवेजकर्मियों की हुई भिड़ंत
रोडवेज चौराहे पर प्राइवेट गाड़ियों के खड़े होकर सवारियां भरने का मामला
झगड़े की सूचना पर सीओ ट्रैफिक सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और रोडवेज कर्मियों को बमुश्किल शांत किया जा सका। रोडवेजकर्मियों ने डीएम, एसएसपी, आरएम, एआरएम और बरेली राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद को पत्र देकर निजी बसों को चौराहा से सवारियां भरने पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही मौजूदा पुलिसकर्मियों को हटाकर दूसरे पुलिसकर्मियों को भेजने की मांग सीओ ट्रैफिक से की गई है।
रोडवेज कर्मियों के मुताबिक बुधवार की सुबह करीब नौ बजे रोडवेज गेट पर नरेंद्र यादव बसों की पार्किंग करवा रहे थे। पास में चौराहा पर प्राइवेट बस सवारी भर रही थी। रोडवेज बस चालक के हॉर्न देने पर प्राइवेट बस का ड्राइवर और कंडक्टर उग्र हो गए और झगड़ा बढ़ गया।
एक रोडवेजकर्मी के पिट जाने के बाद जब अन्य साथियों ने इसको लेकर हंगामा काटना शुरू किया तो वहां पर तैनात एक पुलिसकर्मी ने रोडवेजकर्मी पर लाठियां भांजनीं शुरू कर दीं। इस पर आक्रोशित रोडवेज कर्मियों ने भी पुलिस से हाथापाई कर डाली।
आरोप है कि रोडवेजकर्मियों को पिटता देखकर ड्यूटी पर कार्यरत पुलिसकर्मी हंसकर मजे ले रहे थे, जब उन लोगों से बचाने के लिए कहा गया तो उल्टा रोडवेज कर्मियों से ही भिड़ गए और धक्का-मुक्की कर डाली। प्राइवेट बस संचालकों की मनमानी और पुलिस के अभद्रता से आक्रोशित होकर रोडवेजकर्मियों ने सड़क पर बसें लगाकर जाम लगा, नारेबाजी शुरू कर दी। करीब 30 मिनट बाद बमुश्किल जाम खुल सका। सीओ ट्रैफिक जगदीश चंद्र पाटनी ने रोडवेजकर्मियों की शिकायत पर जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। इस दौरान यात्रियों को भारी असुविधा रही।
प्रदर्शन करने वालों में यूपी रोडवेज इंप्लाइज यूनियन के शाखा अध्यक्ष मुन्नाबाबू शर्मा, मंत्री शशिकांत शर्मा, रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के शाखा अध्यक्ष अरशद कदीर, मंत्री राजेश कुमार, चंदालाल, मुजफ्फर अली, राजकुमार, बृजेश सक्सेना सहित रोडवेज डिपो एवं अन्य डिपो का मौजूद स्टॉफ शामिल रहा। सीओ उझानी जगदीश चंद्र पाटनी ने बताया कि
सवारियां को लेकर झगड़ा हुआ था। रोडवेज कर्मियों ने पुलिस चौकी पर तैनात स्टॉफ पर निजी बस संचालकों के सपोर्ट का आरोप लगाया है। उच्चाधिकारियों को पूरी जानकारी दे दी गई है। जांच के कार्रवाई की जाएगी। जबकि एआरएम राकेश कुमार ने कहा कि झगड़े के मामले में सीओ से बात हो गई है। उन्होंने जांच करके कार्रवाई की आश्वासन देने पर समझौता करा दिया है। रोडवेज बस अड्डे के आसपास निजी बसें खड़ी नहीं हों, इसके लिए भी सीओ के स्तर से कार्रवाई की जाएगी।
...इसलिए कार्रवाई नहीं करती पुलिस
बदायूं। रोडवेज चौराहा पर बस खड़ी करके अक्सर प्राइवेट बस चालक सवारियां भरते हैं। आरोप है कि इसके बदले पुलिस को प्रति बस 100 रुपये देने होते हैं। पुलिसकर्मी बस भरने तक उन्हें वहां से नहीं हटाते। इस दौरान जाम लगने पर भी अन्य बसों को इधर-उधर कर दिया जाता है, लेकिन निजी बस संचालक को कुछ नहीं कहा जाता है।
पहले भी कई बार हो चुके झगड़े
बदायूं। रोडवेज चौराहा पर सवारियां भरने को लेकर बस चालकों का झगड़ा होना आम बात हो गई है। इससे पहले भी कई बार झगड़े हो चुके हैं। इससे न तो रोडवेजकर्मियों ने कोई सबक लिया और न ही पुलिसकर्मी जाम से निजात दिलाने के लिए प्रयास करते नजर आए।
रंग के धोखे में प्राइवेट बसों में चढ़ रही सवारियां
बदायूं। शहर से रोडवेज बस जैसे रंग की कुछ बसें संचालित हो रही हैं। इन बसों को अक्सर रोडवेज बस समझकर यात्री बैठ जाते हैं। जिससे बाद में उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। इस पर कई बार सवारियों और कंडक्टर का झगड़ा हो जाता है, लेकिन इस पर परिवहन विभाग की ओर से अभी तक कोई आपत्ति नहीं की गई।